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Nano technologies को हिंदी में क्या कहते है – Details in Hindi

Nano technologies : दोस्तों पहले आपको हम nano technology के एक छोटा सा introduction दे देते है. जिससे आपको nano technology का बेहतर समज हो सके.

Nanotechnology या फिर सरल भाषा में nanotech कहा जाता है उस बस्तु को, जिसकी पदार्थीकरण atomic, molecular, और supramolecular scale पर किया जाता है. सं 1959 में पहलीबार Nano technologies पर आधारित concepts की चर्चा की गयी. और इसे चर्चा में लेन बाले बेटी थे प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी Richard Feynman. उनकी सुप्रसिद्ध चर्चा There’s Plenty of Room at the Bottom में उन्होंने पहलीबार Nano technologies की नाम को ब्यक्त किए.

What is Nano technologies?

Nano technologies एक विशेष तकनीक सूत्र या formula को कहा जाता है. जिसकी उदेस्य है atoms and molecules की macroscale products का उत्पादन के लिए जो बिसेष तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. उसे nano technology का नाम दिया जाता है. आज की समय पर इसे molecular nanotechnology भी कहते है.

साधारण भाषा में कहे तो, nanotechnology एक विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी है, जिसका बिस्तार nanoscale पर लगभग 1 से 100 नैनोमीटर है.

Nano technology introduction

साल 1960 में, दो बैज्ञानिक पहलीबार nano technology का इस्तेमाल किये. मिस्र के इंजीनियर मोहम्मद अटल्ला (Mohammad Atalla). और कोरियन इंजीनियर डॉवोन कहेंग (Bell Labs) बेल लैब्स में पहलीबार एक प्रयोग में nanotechnolgy का इस्तमाल किये. उस प्रयोग को MOSFET कहा जाता है. जिसका पूरा नाम है metal-oxide-semiconductor field-effect transistor.

दरअसल MOSEFT एक विधि है जो सेमीकंडक्टर की उद्योग के लिए महत्वपूर्ण बन गई. और इसी खोज के बाद silicon semiconductor technology का प्रचलन सुरु हुआ. और ये सम्भब हो सका nano tech के चलते. और पहली बार सफल nanotechnology इस्तेमाल यहाँ से सुरु हुआ. मगर तब भी इसकी कोई नाम नहीं दी गए थी. कोई नहीं जनता था इसे आगे चलकर नैनो टेक्नोलॉजी कहा जायेगा.

Nanotechnology in hindi (हिंदी में क्या कहते है)

नैनो (Nano) = सूक्ष्म
टेक्नोलॉजी (Technology) = प्रौद्योगिकी

अर्थात nanotechnology in hindi है “सूक्ष्म प्रौद्योगिकीकरण”. और सूक्ष्म मतलब अनु परमाणु स्तरीय आकृति. जिसे आप कोई Mechanical माध्यम के बगैर आँखों से देख नहीं सकते.

Types of nano technology

Type of nanotechnology: दोस्तों फिलहाल अभी के समय पर nano technologies को types में बिभाजित नहीं किया गया. मगर इसके usage लगभग हर चैत्र में ही किया जा रहा है. हमारे agriculture field में एक type का nanotechnology इस्तेमाल किया जाता है. दूसरे और automotive में एक अलग तरह का technology का इस्तेमाल होता है.

फिलहाल इसके types को हम तीन nanotechnology की ग्रुप में बांट सकते है. इसकी usability के ऊपर बेस करके ये ग्रूप्सो सकते है. पहली स्टार की nano technology ग्रुप. मध्य स्तरीय nanotechnology group और Nanoengineering. पहली type की nano technology में कुछ अति प्रयोजनीय सामग्री का निर्माण किये जाते है. medical field में nanotechnology और रसायन में इसके इस्तेमाल किये जाते है. अधिकांश लाभदायक निर्माण में इसके ज़रूरत पडती है.

दूसरी type of nano technology का इस्तेमाल आणविक निर्माण में किये जाते है. इस छेत्र में nano scale की machines का इस्तेमाल कर के Molecular scale पर Nano-materials बनाया जाता है. ये एक special treatment है और सामान्य तकनीक से बिलकुल अलग होता है. वैसे nano technology में किये गए सभी प्रक्रिया बेहद जटिल और diffrent types of nanotechnology होते है. इसके उपयोग carbon nanotubes and nanoparticles बनाने में किये जाते है.

तीसरी types of nanotechnology में इस्तेमाल होने बाले तकनीक nano technologies. का उपयोग ज्यादातर वाणिज्यिक सामग्रीक का manufacturing और leveling में किये जाते है. जैसे की उद्धरण के लिए: cosmetics product manufacturing, जिसे हम प्रसाधन सामग्री कहते है. इसमें titanium dioxide का इस्तेमाल किये है nano scale पर.

इसके इलावा food product packaging या खाद्य पदार्थ का packing में silver या चांदी का इस्तेमाल किये जाते है. Zinc का इस्तेमाल कपड़ो में paint, furniture paint और pesticide बनाने में nano particles का उपयोग होते है. ये nano engineering का एक चैत्र भी कह सकते है.

Nanoparticles क्या है?

Nano technologies की एक लेख में प्रसिद्ध वेबसाइट Britannica.com की अनुसार nanoparticles वो ultra fine particles है जिसे nano meter में मापा जाता है. और इसके माप है “1 nano meter = 10 – 9 meter. Britannica कहते है nanoparticles हमारा प्रकिति और प्राकृतिक दुनिया में मौजूद है और मानब गतिबिधिया इसके द्वारा प्रभाबित होते है. Nanotechnologies में Nanoparticles की submicroscopic shape के कारन इनके चारित्रिक बिशेषता unique होते है.

वेबसाइट और कहते है, nanoparticles को उनके size, shape और भौतिक गुणों या physical properties के अनुसार विभिन्न प्रकारों में बिभाजित किया जा सकता है. Nano technologies में इसकी कुछ बिभाजीकरण organic nanoparticles (कार्बनिक) और कुछ inorganic nanopartciles (अकार्बनिक नैनोकणों) के बीच भेद को प्रदर्शित करते है. Organic nano particles के समूह में dendrimers, liposomes, and polymeric nanoparticles को रख्हा गया है. और दूसरे समूह nonorganic में fullerenes, quantum dots, and gold nanoparticles रहते है.

ये दो वर्गीकरण के इलावा भी nano particles को और भी groups में बिभाजित किये जाते है. nano technologies में उसकी एक विशाल अध्याय परी हुई है. खैर आगे बरते है. तो जैसे की हम कह रहे थे, दो ग्रुप जैसे की carbon-based, ceramic, semiconductor, या फिर polymer. इसे चोर कर nanoparticles को hard या soft के हिसाबसे भी grops में ढाला जाता है. जैसे titanium dioxide और silica dioxide को hard nanoparticles कहा जाता है. और दूसरे और liposomes, vesicles और nanodropes को soft nanoparticles में माना जाता है. इसके इलावा कैसे nano particles के उत्पाद हुए है, वो भी उनके group को निर्धारित करते है.

Application of nanotechnology

Wikipedia के मुताबिक, सं 2000 के दशक में वाणिज्यिक उत्पादों में nano technologies का application सुरुवाती दौर पर था. पर ये सुरुवाती दौर पर सिर्फ bulk productions में ही इस्तेमाल किये जाते थे. और इसे निष्क्रिय रूप में ही देखे जाते थे. उस वक़्त application of nano technology उतनी बहुल मात्रा में उपलब्ध नहीं हुए थे. और ये सिर्फ passive nano materials में ही सिमित थे.

Nano technologies को उस्वक़्त apply किये जाते थे cosmetic products में जैसे sunscreen. food packaging में silver nanoparticles का इस्तेमाल होते थे. कुछ खाद्य सामग्री में titanium dioxide और zinc जैसे nanoparticles का यूज़ होने लगे. इसे चोर कर home appliances, clothing, food packing, कीटनाशक में भी ये सुष्म particles का इस्तेमाल होते थे. nano technologies बस सुरुवाती दौर में ही था. मगर वक़्त के साथ इसका प्रचलन भी बरता रहा.

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Usage of nanotechnology

  • Nanomedicine : दिन बदिन nano technologies अपनी उन्नति के शिखर पर पहुँच रहे है. और इस सिखर यात्रा में medical nano technology भी पीछे नहीं रह सकते. और nanomedicine का इस्तेमाल भी प्रारम्भ हो चुकी है. Medical field में nano technologies का इस्तेमाल बोहोत सारे चैत्र में होते है. जैसे की nanomedicine, biological devices, nanoelectronic biosensors और biological machines. बैसे bilogical machines में molecular nano technology का इस्तेमाल होते है, प्रारम्भ बिकशित नहीं हुए. पर जलधि future इस्तेमाल सुरु हो जायेंगे.
  • Green nanotechnology : Nano technologies की बिसेष Green nanotechnology उद्देश्य है. इसकी उपयोग करके वातावरण को परिशुद्ध करना negative energies से. बल्कि यूं कहले इस super nano technology को इस्तेमाल करना है नकारात्मक ऊर्जा श्रोत के करने को निर्मूल करने में. जिससे वातावरण सुद्ध बनी रहे. जिसके पहले दौर पर green nano products का उत्पादन और उसके उपयोग शामिल है.
  • Nanobiotechnology : Nano technologies और biology को जोर कर nanotechnology सामने आते है. nano biotechnology जीवविज्ञान की कुछ कड़ी को नैनो टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ते हुए biological research के विभिन्न क्षेत्रों में मदत करते है. इससे biological field में nanotechnology का research काम में आते है. और इसी धरा को आगे बारते हुए कुछ biological machines या biological device का मदद ली जाती है.
  • Nanoelectronics : Electronic व्यापार में भी nano technologies का विस्तार हो. और electronic उपकरण में nanotechnology का उपयोग को ही Nanoelectronics का नाम दिया गया है. जैसे की hybrid molecular या semiconductor electronics, one-dimensional nanotubes या nanowires, या फिर advanced molecular electronics. इन सभी को nano electronics की अंतर्भुक्त किया गया है.
  • Nanoart : Nanometer पैमाने में परिमाप की जा सकती है ऐसे कुछ प्राकृतिक या synthetic structures को NanoArt कहा जाता है. इन सब art को वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में electron के माद्यम से देखा जाता है. इन्हे आप सिर्फ microscope के माद्यम से देख सकते है. Nanoart साधारण कला तो नहीं है. और इसे कोईभी, कहीभी कर नहीं सकते. इसे बिस्वभर में traditional art exhibitions में प्रदर्शित की जाती है.
  • Industrial applications : Consumer goods nano technologies से अनछुआ अब नहीं रहा. और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र भी nanotechnology से ब्रबहाबित हो चुके है. इस चैत्र में कई सारे products की variety मौजूद है जिनमे nano technology का इस्तेमाल किया गया है. जैसे की mobile phones screen, clothes, sunscreen, synthetic bones, glass packaging, sports balls इत्यादि. Nanoparticles का इस्तेमाल करके ये सभी चीजों को और भी ज्यादा बेहतर बनाया गया.
  • Carbon Nanotubes : Nano technologies को भबिस्य में और भी ज्यादा व्यापक चैत्र में इस्तेमाल करने की परिकल्पना है. इनमे से एक है Carbon nanotubes. Cylinders जैसे दिखने बाले और एक या अधिक layers of graphene से बनाया गया tubes को nano technology की कार्य प्रणाली से प्रस्तुत की जाएगी. इनमे दो प्रकार की nanotubes मौजूद रहेगी. एक है single walled carbon nanotubes या SWNTs और दूसरा है multi walled carbon nanotubes या MWNTs.

वैसे इसका सुरुवात बोहोत पहले ही हो चुकी है, और इन्हे energy storage, automotive parts, sporting goods, device modelling, boat hulls, water filters, thin-film electronics, coatings, actuators and electromagnetic shields में इस्तेमाल किये जाते है.

  • Nanotechnology in warfare : Nano पैमाने में परिमाप की जा सकती है, ऐसे कुछ molecular system के साथ कुछ सशस्त्रीकरण के अनुसंधान Nanotechnology in warfare बिषय को जनम देता है. हलाकि इसकी बहुल उपयोग, अभीके research system के ऊपर निर्भर करता है. इस बिसेष nano technologies को बिस्वा की देशोमे defense को और मजबूती प्रदान करेंगे. हलाकि इस चैत्र की nanotechnology physics, chemistry, physics, biology एबंग engineering को एक इ सूत्र में आबद्ध करते है.

Examples of nanotechnology

हमारा दैनिक जीवन में nano technologies का कुछ बेहतरीन उपयोग होते है. जिसे हम इस्तेमाल करके कुछ काम को बोहोत ही आसान और बेहतर बना चुके है. जिसका कुछ example हम निचे पेस करने जा रहे है. जिनमे printing से लेकर solar energies का इस्तेमाल भी शामिल है. Atomic energy से सुरु करके mechanical चैत्र तक शामिल है. तो आइये जान लेते है nanotechnology का कुछ examples. इसे हमने एकत्रित किये है humanparagon.com नामक वेबसाइट से.

  • Switch : छोटे nano स्तरीय switches इस्तेमाल होते रहे आपके mobile phones या USB drive के अंदर. ये इतने छोटे आकृति की होते है, की nano technologies के बिना इनका कल्पना करना भी नामुमकिन सा था. इसके इलाबा CD और DVd में optical pits and lands का इस्तेमाल होते है, वो भी nanotechnologies का देन है. हलाकि यहाँ बताये गए mobile फ़ोन्स के अंदर का switch बिलकुल छोटे है फिरभी ये switch nanoscale तकनीक के लिहाज से बहुत बड़े हैं.

University of Glasgow एक टीम ने आकृतिके इलेक्ट्रिक स्विच के मदत से इन्ह molecular-scale switches को बनाये थे सं 2008 में. आप इनका एक वर्ग इंच में 500,000 जीबी डेटा स्टोर कर सकते हैं. जो की 5000 Gigabytes है.

  • Atomic-Scale Engine : दोस्तों atomic scale इंजन का तात्पर्य ये है की, engine को परिबद्ध किया गया है. यहाँ हमने heat engine का तात्पर्य है. जो heat energy को mechanical motion में रूपांतरित करता है. इसकी large scale पे काफी सारे उपलब्धियां मौजूद है. मगर atomic scale पर इसका उपयोग करना एक बड़ा उपलब्धि है.

ये आकार में बोहोत ही छोटा होने के कारन इसका कार्य प्रणाली और प्रस्तुतीकरण बिलकुल भिन्न होते है. ये small engine को calcium ion के साथ electric trap का इस्तेमाल से बनाया जाता है. ये अभीभी इस्तेमाल में नहीं लाया गया, मगर भबिस्य में जरूर होंगे. ये nano technologies में एक बड़ी उपलब्धि बन सकती है.

  • Single molecules Nano rotor : Rotors हमारे जीबन का लगभग हर हिस्से में इस्तेमाल किये जाने बाले चीजोमे लगे होते है. और ये एक ऐसी महत्यपूर्ण यांत्रिक उपकरण है, जिसके बिना बोहोत सी मशीन चल नहीं सकती. nano technologies चैत्र में भी rotor एक असामन्य योगदान देते हुए नज़र आएंगे. छोटे से छोटे सामग्री से लेकर हवाईजहाज़ तक इसे इस्तेमाल करते है. वैज्ञानिक single molecules से nanoscale rotors बना चुके है. और वो सफल भी हो चुके है.

Nano technology में ये आबिष्कार अपने आप में एक आश्चर्य का चीज है. इसकी खास बात है, nano scale rotors घूमते वक़्त इनमे कोई घर्षण या friction का अनुभव नहीं होता.

History of nanotechnology

सदियों पहले कुछ साधारण दैनंदिन कामोंको आसान बनाने के लिए nano technologies की तरह कुछ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किये जाते थे. हलाकि उसे nanotechnology नाम नहीं मिला था. नाही वो इतनी बिक्षित थी. पर इस्तेमाल जरूर होते थे. और इससे काम भी और भी बेहतर तरीकेसे होते थे. ज्यादातर इसका इस्तेमाल painting works में ही लगा करते थे.

खैर समय के साथ nano technology की भी आमूल परिबर्तन घटा. 20 वीं शताब्दी की सुरवती दौर में Scottish physicist और mathematician James Clarke Maxwell इसकी सुरुवाती दौर का योगदान कर्ता बने. और उनके साथ थे Austrian-German chemist Richard Adolf Zigsmondi.

और भी कई खोजकर्ता उसी समय का nano technologies की प्रारम्भ का माला को खूबसूरती से पिरोने में मदतगार साबित हुए थे. नाम था Erwin Langmuir. जो एक अमेरिकी केमिस्ट थे. और Chembridge University से पहला महिला PhD की डिग्री लेने बाली Catherine B. Blodgett. इनका भी महत्यपूर्ण योगदान था इस nano technology के चैत्र में. ये physics में phd किये थे.

पहलीबार सं 1959 में अमेरिकी भौतिक विज्ञानी Richard Feynman ने “The Benty of Room the Bottom” नामक शीर्ष में पहलीबार nanotechnology का चर्चा किये थे. उनके चर्चा का मूल बिषई था बड़े काम को छोटा पैमाने पर कैसे तरीका से किया जाये. और ये nano technologies की तरफ ही इशारा था.

उन्होंने और बताया, हम ऐसा कर पाएं तो कैसे जटिल परिस्थितियों में होने वाली घटनाओं के बारेमे कैसे उपलब्धि कर सकते है. उन्होंने बिश्लेषण किये, कैसे एक nanometer का अबिष्कार कई काम को बेहतर और आसान बना सकती है. कैसे अक्षरों आकार छोटा करने से पुरे encyclopedia Britannica एक पिन की नोक पर समां पायेगी। नैनो टेक्नोलॉजीज का ये विवरण आगे चलकर बरिबर्तन लाने वाली थी.

Nano technology शब्द का इस्तेमाल पहलीबार

Nanotechnology शब्द का पहली बार इस्तेमाल 1974 में Japani Scientist Norio Taniguchi ने किये थे. वो एक production technique को सञ्चालन करते वक़्त nanotechnology शब्द को दोहराएं. ये उन्होंने इस लिए कहा, किउकी उस समय उस उत्पादन तकनीक में nanometers के जैसेही इकाई का इस्तेमाल हो रहा था. हलाकि उस वक़्त nanometer नाम से कोई ऑब्जेक्ट मौजूद भी नहीं था.