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Motherboard: क्या है? कैसे काम करता है? Details in Hindi

Motherboard एक printed सर्किट बोर्ड होता है. जिसमें connectors/dedicated ports की मदत से computer या अन्य डिवाइस के प्रमुख उपकरण जुड़े रहते है..

परिचय – Motherboard in Hindi: Motherboard मूल तोर पर एक plate के ऊपर circuit draw किया हुआ एक आधार है. इसे जरुरत अनुशार system के लिए circuit के मुताबिक components को जोड़ने के लिए इस्तेमाल करते है. ये computer (या other expandable device) का मुख्य बोर्ड है, इसलिए इसे main printed circuit board या PCB कहते है. ये Layers of fiberglass(शीसे रेशा) और Copper(तांबा) से बनाई जाती है. फाइबर ग्लास Insulation के लिए और तांबा से सर्किट का रास्ता बनता है.

Motherboard क्या है? (What is Motherboard – Hindi)

motherboard in hindi

Computer motherboard का definition के बात करें तो, ये कंप्यूटर में लगी वो platform है जहा सारे Units वापस में जुड़ते है. इस पतली सी प्लेट में प्रिंट किया हुआ सर्किट के जरिये electronic components एक दूसरे के बीच में communication कर पाते है. जैसे Hard disk, Mouse & keyboard, USB, Parallel port, CPU Chip, RAM slots, PCI slot इत्यादि.

कोनसी unit में क्या data किस components के जरिये input और output करेंगे ये motherboard की circuit के जरिये डिवाइस को बताया जाता है. मदरबोर्ड ये भी सुनिश्चित करता है की हर यूनिट में power supply ठीक तरह हो पाए. ये बनते है fiberglass और copper से. ये है मदरबोर्ड की परिभाषा(definition).

Two main functions of the motherboard
Power Supply: Properly supply electrical power to the individual components
Provide Route: Give a route to allow the components to communicate with each other

उदाहरण के लिए: ये mother board कुछ हमारे घर का बिद्युत का mainboard के जैसा काम करता है. कौनसा कोने मे क्या चल रहा है, एहि से plan करते है. वैसा ही कोई device में कोनसा circuit क्या काम करेंगे वो motherboard में ही printed रहता है. इसलिए इसे planar board भी कहते है. इसके अलावा भी बोहोत सारे नाम है. जैसा की – main circuit board, system board, baseboard, logic board, mobo.

Motherboard को किसने बनाया?(Inventor of Motherboard)

First Motherboard का निर्माण में किसी एक बेक्ति का तो नाम नहीं है. पर इसे IBM कंपनी ने personal computer के लिए बनाया. जिसे Planar कहा जाता था. इसके बाद पहला AT motherboard को IBM ने August 1984 में प्रस्तुत किया. AT का डिटेल्स नीचे बताया गया है.

Motherboard का प्रकार (How many types of Motherboard)

4 types of Motherboard: मूल तौर पर चार तरह का motherboard पाया जाता है. जैसे की XT, AT, Baby AT and ATX.

XT Motherboard

eXtended Technology से बनाये जाने के कारण इन्हें XT motherboard कहते है. ये पहले के ज़माने का model motherboard है. जिनमे Low Insertion Force (LIF) sockets रहता था. इसमें पुराने processor लगते थे. इनमे कोई port नहीं होते थे. 12 पिन वाले कनेक्टर की मदत से power supply किया जाता था. इनमे RAM slot में Dual In-Line Memory Module लगते थे. इसके साथ एक Industry Standards Architecture (ISA) स्लॉट दिखी जाती थी. extra cards लगाने के लिए.

AT Motherboards

Advanced Technology(AT) मदरबोर्ड थोड़ा आधुनिक थे. इनमे 20 पिन बाले power connector का इस्तेमाल होता था. इसके साथ PGA (Pin Grid Array) Socket, SD Ram slots, ISA slots भी रहते थे. इसे IBm ने बनाया था. और बादमे Baby AT द्वारा अधिक्रमण किया गया था. Baby AT के बारे में निचे बताया गया है. AT का एक्साम्पल 386, 486 motherboard.

Baby AT

इसके बाद XT और AT motherboard का मिलाजुला रूप आया Baby AT नाम का मदरबोर्ड. इनमें पहली बार DDR Ram slots दिया गया. इसमें दो तरह का processor sockets रहता था. slot type सॉकेट्स और PGA sockets. इसके अलावा SD Ram slots, PCI slots, ISA slots भी थे. इसमें 12 Pin power connector, 20 Pin power connector और Ports ये तीनो सुबिधा मौजूद था. Pentium-III और Pentium-IV इस तरह का मदरबोर्ड है.

ATX Motherboard

Advanced Technology eXtended या ATX motherboard आज हम इस्तेमाल करते है. ये latest motherboard है. इसे ATX form factor से डिज़ाइन किया जाता है. (form factor का बारेमे निचे बताया गया है.) ATX में 20 pins और 24 pins का कनेक्टर और port रहता है. साथ में MPGA Processor Sockets, DDR Ram slots, PCI slots, AGP slots, SATA connectors जैसा मुख्य features भी रहते है. Pentium-IV, Dual-Core, Core 2 Duo, Quad Core, i3, i5, i7 आदि इसके उधारण.

Motherboard पोर्ट और कंपोनेंट्स (Motherboard Ports and Components)

motherboard in cpu case
  1. Mouse & keyboard
  2. CPU Chip
  3. CPU slot
  4. RAM slots
  5. ROM Chip
  6. Hard Drive slots
  7. Northbridge with heat sink
  8. Southbridge
  9. USB
  10. Parallel port
  11. PCI slot
  12. IDE controller
  13. CMOS Battery
  14. Floppy controller
  15. AGP slot
  16. ISA slot
  17. Power connector

functions of Mouse & Keyboard, CPU Chip, CPU Slot

Mouse & keyboard:
माउस और कीबोर्ड के जरिये हम कोई भी data computer में डालते है. Motherboard के साथ माउस और कीबोर्ड External port के जरिये direct connect रहता है. ये सबसे प्रचलित सिस्टम है. इसमें DIN connector का इस्तेमाल होता है. इसे AT-style keyboard कहा जाता है. ये हमारे घरोमे पुराने Computer में देखने को मिलेंगे. जिसमे mouse और keyboard DIN connector से ज़ुरा हुआ है.

मगर अभी modern computer में छोटा आकृति का PS/2 port keyboard connector का इस्तेमाल हो रहा है. जो मदर बोर्ड के साथ माउस और कीबोर्ड को जोरते है.

CPU Chip:
Motherboard में वर्ग की आकृति की, एक छोटा सा electronic components रहता है. इसे chip कहते है. ये एक motherboard parts है. और इस CPU chip का main काम होता है डाटा का प्राथमिक processing करना. microprocessor, microcontroller इस तरह का Cpu chip है.

CPU Slot:
CPU socket को CPU slot भी कहा जाता है. इसमें mechanical components लगी होती है. जिसका मुख्य काम है microprocessor और printed circuit board (PCB) को जोड़कर रखना.

functions of RAM Slots, ROM Slot, HD Slot

RAM Slots:
ये मुख्य रूप से computer में memory (RAM) को जोड़ने का काम करता है. ये एक socket होता है जो motherboard में लगी रहती है. जिसके ऊपर हम हमारे RAM को बिठाते है. इसे DIMM Slot कहते है (or DRAM). RAM कंप्यूटर का एक temporary memory होता है. जो काम करते वक़्त data save करता है. इसलिए इसे हम working memory भी कहते है. एहि कारन है RAM बढ़ने से computer speed भी बढ़ जाता है. किउकी तब कंप्यूटर एकसाथ ज्यादा programs में काम कर पाता है.

ROM Slot:
ये chip computer में रीड-ओनली मेमोरी को जोरता है. ये भी motherboard का एक unit है. इसके द्वारा कंप्यूटर में permanent or semi-permanent data को रखा जाता है. ROM के बजह से हम कंप्यूटर को ऑफ करने के बाद भी डाटा delete नहीं होता है.

BIOS का नाम आपने सुना होगा. ये एक Firmware होता है. जो कंप्यूटर ऑन करने के बाद booting process के समय hardware initialization को परफॉर्म करता है. ये BIOS chip भी ROM में ही लगी होती है.

Hard Drive Slot:
SATA Slot (serial advanced technology attachment slots) के जरिये hard drive को motherboard से जोड़ा जाता है. ये एक connector होता है जो कंप्यूटर का permanent storage जैसे HDD (hard drive) or SSD (Solid State Drive) को जोड़ता है. इशिमे हमारा saved files स्टोर रहता है. पुराने कंप्यूटर में PATA port का इस्तेमाल किया जाता था.

HDD में एक spinning platters रहता है. जो घूम कर data save करता है. ये पुराणी हो चुकी है. SDD आधुनिक है. और fast speed के साथ flash memory में डाटा सेव करता है

functions of North & South Bridge, USB Ports, Parallel Port

Northbridge with heat sink:
PAC या northbridge एक integrated circuit है. इसका main काम है CPU, AGP और memory के साथ कम्यूनिकेट करना. motherboard में एक socket के माध्यम से ये जुड़ी रहती है. नए कंप्यूटर में ये एक single chip के रूप में लगता है. पर पुराने कम्प्यूटर्स में तीन अलग अलग chips को मिलाकर northbridge बनता था. इसके साथ heatsink भी ज़ुरा रहता है. जो गर्मी को control करता है.

Southbridge:
कंप्यूटर का I/O functions, जैसा USB, audio, serial, BIOS आदि को कण्ट्रोल करता है Southbridge. एक सर्किट से जुड़ा होता है ये component.

USB Ports:
Motherboard में चार, छे या आठ USB Ports रहता है. जिनमे से दो या चार पोर्ट डायरेक्ट mother board के पिछले हिस्से में सोल्डर किया हुआ रहता है. इनका काम है USB Device को connect करना.

Parallel Port:
25 Pins वाले parallel port का इस्तेमाल किया जाता है printer, monitor, external Zip drive, scanner जैसे एक्सटर्नल डिवाइस को जोड़ने के लिए. इन्हे peripherals devices कहते है. और ये पोर्ट एक बार में डेटा के कई बिट्स send कर सकते है. इसीलिए इन्हे parallel port कहते है. ये motherboard के साथ peripherals को संगयुक्त करने में काम आते है.

functions of PCI Slot, IDE Controller, CMOS Battery

PCI Slot:
PCI connectors को इस्तेमाल किया जाता है controller cards और अन्य उपकरणों को कंप्यूटर के साथ जोड़ने के लिए. ये मदरबोर्ड में बना हुआ एक सॉकेट है. तीन तरह का मुख्य PCI motherboard connector मिलते है. जिन्हे एकसाथ Slots कहते है.

IDE Controller:
Integrated Drive Electronics या IDE मूल तौर पर hard drive को motherboard के साथ जोड़ने का काम करता है. इन्हे ribbon cable लगा हुआ रहता है. जो flexible होता है और देखने में फीता का जैसा लगता है.

CMOS Battery:
Current time and date को सठिक रखने के लिए motherboard में ये बैटरी लगी होती है. system reboot के समय CMOS Battery घरी को backup power देता है. और इसके बजह से System Clock का parameter सठिक समय बता पाता है.

functions of Floppy Controller, AGP Slot, ISA Slot, Power Connector

Floppy Controller:
FDC एक electronic chip controller है. जो मदरबोर्ड पर embed किया हुआ रहता है. और ये floppy drive का कार्यक्षमता को नियंत्रण करते है.

AGP Slot:
Accelerated Graphics Port या AGP Slot इस्तेमाल किया जाता है video card लगाने के लिए. Motherboard में ये connector के साथ graphic card को लगाकर high graphic games को खेला जाता है. Gaming PC में ये इस्तेमाल होता है.

ISA Slot:
expansion cards लगाने के लिए ISA Slot का इस्तेमाल होता है. इसका Industry Standard Architecture है. इन्ह कनेक्टर के जरिये मदरबोर्ड में video card, network card, extra serial port इत्यादि लगाया जाता है.

Power Connector:
PC में इलेक्ट्रिसिटी की आपूर्ति करने के लिए power supply unit का इस्तेमाल किया जाता है. और mother board में power supply करने के लिए दो 4 pin या एक 8-pin बाले auxiliary connector का इस्तेमाल होता है. यह कनेक्टर motherboard में प्रोसेसर और अन्य उपकरणों को अतिरिक्त बिजली प्रदान करता है.

Motherboard Diagram

motherboard diagram

ऊपर हमने motherboard की रेखा-चित्र उपलब्ध करवाया है. इस diagram से आपको आसानी होगी, मदर बोर्ड में कौनसी parts कैसी दिखती है. इस motherboard diagram में labels के साथ हर एक अंश को आप देख सकते है. इस diagram में CPU socket कहां पर लगता है ये देख सकते हो. CPU मतलब माथेरबोर्ड का ब्रेन जिसे processor कहते है. ये इसी स्थान पर है.

इसके बाद RAM के लिए स्लॉट को पीला और हल्दी रंग में देख हो. Northbridge और Southbridge किसे कहते है ये तो आप जान ही चुके हो. diagram में look भी देख लीजिये. इसके बाद ATX power, IDE, AGP Slot को देखा जा सकता है. डायना चैत्र में PCI स्लॉट मिलेंगे. घरी और तारिक को बैकअप देने बाले CMOS battery बिच में है. मगर ये निचे के तरफ भी होते है. Keyboard, Mouse, Audio Port, USB पोर्ट जैसा peripheral को नाम के साथ चिन्हित किया गया है.

Motherboard Form Factor क्या है?

Motherboard का Form Factor निर्धारित करता है इसकी shape and size को. फॉर्म फैक्टर से निर्धारित होता है किस प्रकार के case और power supply मदरबोर्ड के लिए उपयुक्त होगा. इसके अलावा motherboard का structure भी form-factor निर्दिस्ट करता है.

असलमे form factor एक दर्जी जैसा काम करता है. जैसे आपके बॉडी शेप के मुताबिक आपका कपड़ो का शिलाई होता है. जैसे दर्ज़ी आपका शोल्डर, कॉलर, रिस्ट का अलग अलग माप लेता है. जैसे आपका शैर्ट के हिसाब से पैंट बनता है. और दोनों के हिसाब से शूट बनता है. वैसा ही form factor से पता चलता है. motherboard में कोनसा चीज कहा बैठेगी. किस तरह का मदरबोर्ड का कंप्यूटर केस होना चाहिए. RAM कैसा होना चाहिए. RAM का form factor यहाँ जानिए. एक लाइन में कहे तो form factor असल में एक measurement chart होता है. कोईभी device के लिए.

मदरबोर्ड का इतिहास (History of Motherboard in Hindi)

history of motherboard

साल 1970 में, जब motherboard की आज की model नही बनी थी, ये पतली प्लेट का circuit board जो हम आज इस्तेम्मल करते है. तब, उस वक्त कुछ अलग सा system का प्रचलन था. एक बोर्ड के जगह पर, कई सारे printed circuit board तब इस्तेमाल किये जाते थे. जिन्हे एक card-cage case में सेट किया जाता था. components को backplane के द्वारा sockets के माद्यम से बोर्ड के साथ जोड़ा जाता था. ये एक classic system था. Backplane असल में छोटा आकृति का प्रिंटेड सर्किट बोर्ड होता है. जिनमे कई सारे sockets लगे रहते है. Example: ubiquitous S-100 bus(1970)

Planar

1981 में पहलीबार modern motherboard को IBM company ने हमारे पर्सनल कंप्यूटर में इस्तेमाल करने के लिए बनाया. इसे Planar कहा जाता था. इस “Planar” Motherboard कई छोटे छोटे holes बना हुआ रहता था. जिनके जरिये electronic components को कनेक्ट किया जाता था. इस system को breadboard कहा जाता है. इन्ह मदरबोर्ड में तार के मदत से chips, RAM, CPU को लगाया जाता था.

फिर आया AT mother board का दौर, जब 1984 के अगस्त महीने में IBM ने AT और Full-size AT motherboard form factor को बाजार में लाया. AT के बारेमे हमने ऊपर बात किया है. फुल AT साइज अनुपात 12″ wide और 13.8″ deep था. जो एक full size AT tower case में बैठता था.
फिर IBM ने इसको और upgrade करके 1985 में baby AT को ले कर आएं. इसे BAT भी खा जाने लगा. और ये बेबी AT early 1990s तक चलता रहा.

Western Digital नाम की कंपनी 1987 में बनाया LPX motherboard. जिसका पूरा नाम है “Low-Profile EXtended motherboard”. ये मदरबोर्ड फिट होते थे slim-line और low-profile case में. इसमें expansion boards motherboard के समानांतर रहते थे. जिसके कारन system बोहोत ही पतला दिखाई देता था. और size में भी छोटा होता था. मगर size-small होने के कारन इसमें expansion slots दो या तीन ही रहता था. इस board में video adapters लगी रहती थी. साथ में sound भी बोर्ड में मौजूद थी. मगर दाम में सस्ता था.

इससे एक साल पहले ही 1986 में Gigabyte(GB) का जनम हुआ. जिसे बनाया है Taiwan के Yeh pei-cheng ने. 1987 में ही Taiwan में स्थित, दुनिया का fifth largest motherboard निर्माण संस्था Elitegroup(ECS) ने ECS boards को बनाया.

Our gen motherboard

इसके बाद मार्किट में आया Intel अपने ATX motherboard का पहला संस्करण लेके. साल था 1995. जुलाई के महीने में इंटेल के द्वारा बनाई गयी हमारे आज का मदरबोर्ड. जो बोहोत ही ज्यादा advanced और configuration बाले थे. फिर तो ये चलता रहा और बहुत सारे कंपनी ने motherboard बनाया. इनमे से AMD, Kontron, NVIDIA, Supermicro, EVGA आदि उल्लेखनीय है.

Popular Motherboard manufacturer 2020 (उत्पादक)

  • ASRock
  • Asus
  • Biostar
  • EVGA Corporation
  • ECS
  • Gigabyte Technology
  • Intel
  • MSI (Micro-Star International)
  • AOpen
  • ABIT

How to choose a motherboard

New PC खरीदना है या पुराने को upgrade करवाना है. कंप्यूटर का foundation बनाने में motherboard, processor, RAM आदि का सही चयन जरूरी है. दोस्तों बाजार में कई कंपनियां है. और बहुत सा motherboard models उपलब्ध है. जिनके features भी अलग अलग होते है. Form Factor और components भी भिन्न होते है. ऐसे में सही मदरबोर्ड को choose करना काफी challenging हो सकता है. चलिए बताते है motherboard buy करते वक़्त आपको किन चीजोंका points बनाकर बोर्ड को लेना है.

1st, 2nd, 3rd steps

1. Platform
First step मैं आपको processor या CPU का चयन करना है. जो motherboard brain है. इसके लिए आपको अपने work के अनुशार entry-level या ultra-fast CPU को चुनना है. अगर आपका जरुरत सिर्फ web browsing, छोटा मोटा office work, small editing और low-end games खेलना है तो पहला option बेहतर होगा. High-end processor आपको advanced level high graphic games खेलने के लिए, या high resolution video editing के लिए बेहतर होगा. आप Intel या AMD में से एक ले सकते हो. Intel का ninth-generation और AMD का Zen 2 या Zen 3 बेहतर है.

2. Motherboard
Second Step मैं आपको अपना motherboard को चुनना होगा. मदर बोर्ड का चयन करते वक़्त आपको दो चीजे ध्यान में रखना होगा.
१. processor socket. जिससे मदरबोर्ड CPu के साथ connect होंगे. आपका CPu के अनुशार ये सॉकेट होना चाहिए. सॉकेट में Supported CPUs उल्लेखित रहता है.
२. chipset. ये basically motherboard software and hardware का कॉम्बिनेशन होता है. इसीसे motherboard का अन्य parts ठीक तरीके से काम करता है.

3. Form Factor
Third Step मैं आपको Form Factor को देखना है. फॉर्म फैक्टर के बारेमे आप ऊपर जान चुके है. motherboard बिभिन्य size और shape में आते है. आपको cpu case को मदरबोर्ड के साइज के हिसाब से चुनना है. या आप cpu case के हिसाब से motherboard को चुन लीजिये. comparitively बड़े आकार का motherboard होने से फ़ायदा ये मिलता है, की आप ज्यादा components उसमे लगाने का option पाओगे.

4th, 5th, 6th Steps

4. Expansion Options
Forth Step में आपको देखना है मदर बोर्ड को expand करने का क्या options आपको मिल रहा है. जिसे PCI slots कहते है. ताकि future upgrade में आप extra components लगा सको. जैसे networking card, graphics card, sound card इत्यादि.

5. DIMM of RAM
Fifth Step मैं आपको कोनसा RAM लगाना है ये decide कर लेना है. 4 Gb, 8Gb, 16Gb जो भी Ram आप लगाने बाले हो आपको motherbord में बने ram का module के अनुशार RAM का चयन करना है. इसे DIMM कहते है. जितने ज्यादा DIMM slots होंगे, उतना ज्यादा RAM लगाने का option आपको मिलेगा.

6. Storage
Sixth Step स्टोरेज का. अब आपको देखना है, storage connectors को. क्युकी आप HDD या SDD storage अपने सिस्टम में लगाने बाले हो. आपको अपना स्टोरेज के अनुशार motherboard में देख लेना है उसे लगाने का कनेक्टर मौजूद है या नहीं. बेस्ट होगा अगर SDD और HDD दोनों का connector मौजूद हो. HDD और SDD के बारेमे हमने आपको ऊपर बता चुके है.

7th, 8th, 9th Steps

7. Graphics Card Slot (GPU)
Seventh Step में देखना है graphic card के लिए motherboard में जगह है या नहीं. किउकी अच्छे graphics के लिए हमें extra ग्राफ़िक कार्ड भी लगाना है. वैसे मदरबोर्ड के साथ inbuilt GPU रहती है. पर वो low-powered GPU होती है. Heavy graphic game खेलने के लिए अलग से graphic card लगाने पड़ते है.

8. Ports and Connections
Eighth Step में देख लेना है motherboard में जरूरी peripherals connection के लिए ports बानी हुयी है या नहीं. इसके अलावा ये भी देखना है की cpu case मदरबोर्ड के साथ connection sockets match हो रही है या नहीं. नहीं तो हो सकता है सकता है, motherboard का port राइट साइड में है और case का socket hole लेफ्ट सेईदे में. mismatch ना हो जाये ये देखना है.

9. Brand
Finally Ninth Step में हमें motherboard brand को चुन लेना है. ऊपर का सारे जरुरत पूरा होने के बाद manufacturer को select करना है. इसके लिए ऊपर हमने popular motherboard manufacurer list भी प्रोवाइड कर चुके है. बस आपका मदरबोर्ड का चयन पूरा हुआ.

Summary – Features of Motherboard

Motherboard आपका central processing unit case में कुछ screws के मदत से जुड़ा हुआ रहता है. ये कंप्यूटर का वो हिस्सा है, जो एक आधार का काम करता है. माँ के जैसा ही ये कंप्यूटर का अन्य parts को अपने ऊपर धारण किये रखते है. इसीलिए इसे motherboard का नाम मिला. इनमे कई port के माद्यम से important components एक दूसरे के साथ जुड़ते है. Peripherals जुड़ते है स्लॉट के माद्यम से. Monitor, mouse, keyboard, network cables, USB ये सभी मदरबोर्ड से जुड़े रहते है.
निचे दिए गए points मदरबोर्ड का कुछ key features है. जो ध्यान देने योग्य है.

  • Motherboard बिभिन्य प्रकार का होता है. उसके साथ components जोड़ने के ऊपर उसकी type निर्भर करता है.
  • मदरबोर्ड Single type का CPU और बिभिन्य type का memory support करता है.
  • मदरबोर्ड Form Factor को मदरबोर्ड का अन्य components के मुताबिक होना आबस्यक है.
  • Power Supply, case और motherboard को साथ में काम करने के लिए एक दूसरे के साथ compatible होना आबस्यक है.
  • Hard Disk और Graphics Card को मदरबोर्ड के साथ compatible होना आबस्यक है.

Conclusion – निष्कर्ष

motherboard का जर्नी शुरू हुए सालों बीत गए. IBM ने सुरु किया. फिर धीरे धीरे Intel, AMD जैसा बड़ी कंपनियां मदरबोर्ड का निर्माण सुरु किये. आज हम धीरे धीरे २०२० को पार कर चले है. और बीतें सालों में computer के छेत्र में काफी बदलाव भी हुए. जिनमे motherboard का advance होना आबस्यक था. हमारे कम्यूटर के साथ motherboard भी small होते गए. और हम ये अंदाजा भी लगा सकते है, आनेबाले सालों में technology और कितनी आगे जायेंगे. आपके साथ subhra som hindi blog भी भबिस्य के टेक को स्वागत करते हुए मिलते है अगली hindi article के साथ. आपने समय दिया, आपका तहे दिलसे धन्यवाद्.

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4 thoughts on “Motherboard: क्या है? कैसे काम करता है? Details in Hindi

  1. Thanks, for the informative post
    What is motherboard in hindi
    वेलकम बैक गाइस आज की पोस्ट में हम आपको बताने वाले है की मदरबोर्ड क्या होता है और कैसे काम करता है और एक कंप्यूटर में मदरबोर्ड क्या भूमिका निभाता है और एक मदरबोर्ड में कौन-कौन से मुख्य पार्ट होते हैं, और इसकी विशेषताएँ कौन-कौन सी है |
    What is motherboard in hindi

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