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computer memory: types, primary and secondary memory, history in Hindi

कंप्यूटर में डाटा (input data) को सम्भाल कर रखना(save) और जरूरत पड़ने पर उसे फिरसे हाज़िर(retrieve) करनेका काम जो करता है उसे Computer Memory कहते है.

Intro: Computer Memory हिंदी: Computer Memory एक सामान्य शब्द है. जो भी डिवाइस कंप्यूटर में डाटा को store करने का काम करता है, उसे हम computer memory कहते है. memory का अर्थ है स्मृति. और computer जैसा हर electronic device में भी ये database को याद रखता है, अपने अंदर स्टोर करके. और जबभी user कोई डाटा को फिरसे पुनर्प्राप्त करना चाहता है, उसे memory से प्राप्त करवाया जाता है. मेमोरी का एक popular name, storage या store भी है.

Computer Memory in Hindi

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दोस्तों, Computer या किसीभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में Memory का मतलब है स्मृति या याददाश्त. जैसा की हम इन्शानो में होता है. एक उदाहरण से समझते है. Input device, जैसा माउस और कीबोर्ड द्वारा प्राप्त निर्देश को कंप्यूटर मेमोरी में स्टोर और सेव किया जाता है. यूजर (यानि के हम और आप) mouse के माध्यम से कोई program को संचालित करके क्लिक करते है. Keyboard से कुछ type करते है, और ये data के रूप में memory में store होता है.

इसके बाद मान लीजिये user ने computer device को बंद कर दिया. फिर कुछ देर बाद वो वापस से device power on करता है और उसी काम को continue करता है. तो वो पहले अपने अधूरा काम को माउस के मदत से फिरसे खोलता है. डाटा पुनर्प्राप्त होता है किउकी वो मेमोरी में store किया हुआ रहता है. बरना data lost हो जाता. इसे ही मेमोरी कहते है और computer memory इसी काम को अंजाम देता है.

कंप्यूटर या अन्य कोईभी electronic device में दो स्टेप्स में data store और retrieve (पुनर्प्राप्त) का काम होता है. इसी आधार पर प्राइमरी और सेकेंडरी इस दो भाग में computer memory को बिभाजित किया गया है. जिसके बारेमे निचे जानेगे.

What are the types of computer memory

This image represents the basic categories of computer memory

कंप्यूटर में मेमोरी का मतलब समझा जाता है प्राथमिक मेमोरी (primary memory) को. पर general category किया जाये तो computer memory को हम दो basic type में बिभाजित करते है. दो तरह का computer memory होता है.

1. प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory)
2. सेकेंडरी मेमोरी (Secondary Memory) या माध्यमिक मेमोरी

Primary memory in hindi

RAM and ROM distinguish
  • RAM
  • ROM

प्राथमिक या primary memory वो होता है जो motherboard और cpu के संग्ल्ग्न होता है. और ये मदरबोर्ड में ही संगयुक्त रहता है. जैसा की RAM and ROM. प्राइमरी मेमोरी processor(cpu) के साथ साथ काम करते है. और इससे cpu आसानीसे और तेज़ीसे data read कर पाते है. जो कंप्यूटर को fast work करने में मदत मिलता है. Primary Memory को main memory भी कहते है. किउकी कंप्यूटर का एक मुख्य काम data read इसी के माध्यम से होता है.
Primary memory का दो केटेगरी होता है. Volatile memory और Non-volatile memory. Volatile Memory किसे कहते है? दोस्तों Volatile का मतलब है, जब भी हम device को power off करते है RAM में save हुआ data भी erased हो जाता है. Non volatile में ऐसा नहीं होता है. इसमें power off करने के बाद भी डाटा वही पर रहता है. मगर modern system में primary memory का volatile रूप का ही इस्तेमाल किया जाता है.

what is RAM (random access memory)

RAM का पूरा नाम है random access memory. ये कंप्यूटर का एक primary memory है और इसे main memory कहते है. दरहशल हम जो भी program या application हमारे compute या mobile डिवाइस में खोलते है, वो पहले RAM में ही load होता है. और डिवाइस जरुरत का primary data read करते है इसी से.

हम अक्षर मोबाइल पर multiple application का इस्तेमाल करते है एक साथ. और कंप्यूटर में भी multi tasking करते है. इस सभी को प्राथमिक स्तिथि में RAM का सहारा मिलता है. इस वजय से, अगर system ram ज्यादा हो तो हमारा डिवाइस भी फ़ास्ट चलता है. RAM volatile होने के कारन ये डाटा को temporary store करता है.

Types of RAM

  • DRAM
  • SRAM
  • NVRAM

DRAM: Dynamic RAM को शॉर्ट फॉर्म में DRAM कहते है. आमतौर पर Computer RAM का मतलब DRAM को ही समझा जाता है. किउकी ज्यादातर इस्तेमाल इसका ही होता है. ज्यादातर कंप्यूटर में DRAM ही लगते है, और ये कई दशकोसे चले आ रहे है. DRAM में दो तरह का प्रणाली होता है. Single data rate और double data rate. पुराणी कंप्यूटर में सिंगल डाटा रेट का इस्तेमाल होता था. वही नए ज़माने का कंप्यूटर डबल डाटा रेट का इस्तेमाल करता है.
(Note: जिस गति से डेटा कंप्यूटर के अंदर या फिर एक peripheral devices (जैसे माउस, कीबोर्ड, प्रिंटर) या कोईभी input और output device और कंप्यूटर के बीच data transfer किया जाता है. उसे Data Rate कहते है.)

SRAM: SRAM का पूरा नाम है Static RAM. ये DRAM से आधुनिक और ज्यादा तेज़ है. SRAM ज्यादातर high-end server में इस्तेमाल होता है. ये आकार में काफी बड़ा होता है. और बोहोत ज्यादा expensive भी होता है. साधारण डेली यूज़ का कंप्यूटर में ये इस्तेमाल नहीं होता है. मगर, अगर हो भी तो data cache के लिए ही होता है. जिससे कंप्यूटर speed से काम कर पाता है.
चलिए नीचे देख लेते है DRAM और SRAM में क्या क्या मुख्य अंतर है?

DRAMSRAM
DRAM सस्ता है.SRAM DRAM महंगा है.
ये average speed देता है.ये लगभग तीन गुना faster काम करता है DRAM से.
ये पतला होता है.ये आकार में बड़ा होता है.
DRAM मिलता है Gigabytes(GB) में.SRAM मिलता है Megabytes(MB) में.
DRAM ज्यादा energy का खपत करता है.SRAM काम energy का करता खपत है.

NVRAM: NVRAM का पूरा नाम है non volatile random access memory. जी हाँ दोस्तों ये एक ऐसा कंप्यूटर मेमोरी का form है जो power off करने पर भी अपने अंदर data safely रख सकता है. इस NVRAM के बारेमे ज्यादा चर्चा नहीं होता है. किउकी इसकी अलग form ज्यादा popular हो चूका है. जैसे की flash memory. मगर है तो ये भी non volatile RAM ही. NVRAM का सबसे unique बात ये है, की इसमें battery लगते है. ये CMOS की बैटरी से power लेता है.
NVRAM का उदहारण है Ferroelectric RAM, FeRAM(F-RAM) और Magnetoresistive RAM(MRAM).

दोस्तो RAM का और भी कई प्रकार होता है. जिसे हमने एक दूसरा hindi article में डिटेल्स में बताया है. RAM के बारे मे पूरी जानकारी इस आर्टिकल में पढ़िए “RAM क्या है? कितने प्रकार का होता है? RAM काम कैसे करता है?”

what is ROM (read only memory)

ROM का full form है read only memory. ये भी device का primary memory है मगर इसका काम थोड़ा अलग होता है. सबसे पहलीबाट ये RAM के जैसा volatile नहीं होता है. ये Non volatile है. इसका मतलब डिवाइस off होनेके बाबजूद डाटा इसीमे मौजूद रहता है. मगर इसका डाटा कुछ अलग होता है. ROM में जो data रहता है, वो device manufacture द्वारा डाला हुआ कुछ programming होता है. जो system अच्छी तरह ran करने के लिए आबस्यक होता है. इसीलिए इसमें feed किया हुआ data को erase नहीं किया जा सकता है.

Types of ROM

  • PROM
  • EPROM
  • EEPROM

PROM: PROM का पूरा नाम है Programmable Read-Only Memory. ये ROM का ही एक प्रकार होता है. मगर इससे थोड़ा अलग होता है. किउकी ROM में system manufacturer द्वारा पहले से ही प्रोग्राम को डाला हुआ है. मगर PROM में ऐसा नहीं होता है. इसमें यूजर का जरुरत अनुशार एक programmer द्वारा प्रोग्राम इसमें डाला जाता है. मगर program को इंस्टॉल करने के बाद इसे मिटाना मुश्किल है.

EPROM: इसका पूरा नाम Erasable Programmable Read-Only Memory है. नाम से ही पता चल रहा है इसमें प्रोग्राम डालने के बाद इसे मिटाया भी जा सकता है. और फिरसे reprogram भी जा सकता है. बाकि ये PROM का जैसा ही है. मगर इसके खास बात ये है, की जब भी data erase किया जाता है. इसे ultra violate रोशनी के साथ रख्हा जाता है.

EEPROM: EPROM का ही advanced रूप है Electrically Erasable Programmable Read-Only Memory (EEPROM). इसकी खास बात है, इसे कंप्यूटर में ही इरेस करके नए प्रोग्राम को इनस्टॉल भी किया जा सकता है. ये एक मात्र ROM है जिसमे read and write features देखने को मिलता है. program को अपडेट करते वक्त इसमें codes को write भी कर सकते है.

Difference between RAM and ROM

RAMROM
Volatile Memory हैNon-Volatile Memory है
Memory Capacity 1 to 256 GB प्रति chip या उससे भी ज्यादाMemory Capacity 4 to 8 MB प्रति chip
Read and Write दोनों कर सकता हैसिर्फ read कर सकता है
ये Temporary स्टोरेज हैये Permanent स्टोरेज है
इसे primary memory कहते हैइसे secondary memory कहते है
ये Fast हैये RAM से slow है
इसकी Type है SRAM and DRAMइसकी Type है PROM, EPROM and EEPROM
RAM को erase किया जा सकता हैROM को erase किया नहीं जा सकता

What is secondary memory in hindi

secondary computer memory
  • Hard disk drives (HDD)
  • Solid-state drives (SSD)
  • Optical drives (CD/DVD)
  • Pen drive, Memory Card (sd card)

सेकेंडरी मेमोरी या secondary memory मूल रूप से एक अलग device होता है. जो मदरबोर्ड के ऊपर mount किया हुआ नहीं रहता है. ये separate storage device होता है. जैसे Hard Disk, SSD, CD, DVD, Memory Card, Pen Drive इत्यादि. इनमे से HDD या hard disk drive और SSD (Solid State Drive) कंप्यूटर केस के अंदर ही बिठाया जाता है. बाकि सब external storage device है. Computer case के अंदर HDD या SDD मेमोरी में प्राइमरी मेमोरी से data transfer होता है. जरूरत पड़ने पर. किउकी ये दोनोही storage device है. डाटा को ट्रांसफर किया जाता है एक विशेष internal process के जरिये, जिसे virtual memory कहते है.

What is Hard disk drive?

Hard disk drive कंप्यूटर की एक secondary memory है. ये computer case के अंदर मदरबोर्ड से अलग बैठता है. ये एक electro-mechanical data storage device है. इसे permanent storage डिवाइस के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. ये. data सुरक्षित सेव करके रख्हा जाता है. और जब भी future use के जरुरत परता है, ये मिल जाता है. modern electronic device में नए तौर का HDD भी देखने को मिलता है. जिसे external hard disk है. और ये एक pen drive के जैसा ही computer USB port में लगता है. जिसे आप बाहर से लगा कर इस्तेमाल कर सकते हो.

HDD की विशेषताएं (characteristics)

  1. इसमें heads लगी रहती है, जो घूमती है. इसे mechanical arm कहते है. इसीलिए ये slow भी होती है.
  2. Start up के लिए लंबा समय लगता है.
  3. Disk access times: 9 से 15 milliseconds(MS) का वक़्त लगता है.
  4. Hard disk drive फैन लगी रहती है. किउकी इसमें लगी mechanical heads घूमते वक़्त बोहोत heat produce करता है.
  5. Power Consumption ज्यादा होता है.

what is ssd in computer in hindi?

मॉडर्न स्टोरेज डिवाइस में Solid state drive आते है. ये एक external storage device है जो modern computer में और laptop में लगते है. ये आधुनिक और ज्यादा efficient device है. जो data store करते है तेज़ी से. इसमें integrated circuit लगा हुआ रहता है और flash memory के जरिये files को स्टोर करता है.

SSD की विशेषताएं (characteristics)

  1. SSD बोहोत ही fast होता है. ये HDD से लगभग सौ गुना तेज़ीसे file transfer कर सकती है. किउकी इसमें कोई mechanical arm नहीं रहता है.
  2. ये बहुत हल्की और आकार में भी पतली होती है.
  3. power consumption HDD के मुकाबले बहुत ही काम होता है.
  4. इसमें कोई मैकेनिकल head न होने के कारण ये silent भी होता है.
  5. SSD ज्यादा समय तक चलती है. इसकी durability HDD से ज्यादा होता है.

CD/DVD in hindi

Modern एक्सटर्नल स्टोरेज डिवाइस में से DVD popular storage device है. ये secondary storage में आते है. इसका पूरा नाम Digital Versatile Disc or Digital Video Disc है. ये एक digital optical disc होता है. जो rapidly rotate करते हुए डाटा को सेव करते है. जिसे disc write कहते है. इसके लिए optical DVD writer का इस्तेमाल किया जाता है.
CD भी इसी तरह का disc होता है. जिसका पूरा नाम Compact Disc है. ये DVD से कम storage capacity बाला होता है. मगर काम उसी तरह करता है.

CD/DVD की विशेषताएं (characteristics)

  1. Compact Discs (CDs) और Digital Versatile Discs (DVDs) इलेक्ट्रो ओप्टिकल डिवाइस है.
  2. इनमे कोई magnetic field नहीं होता।
  3. Hard disk के जैसा CD/Dvd चुम्बकीय छमता से छतिग्रस्त नहीं होता।
  4. read and write प्रक्रिया में इसमे power consumption ज्यादा होता है.
  5. CD और DVd को laser तकनीक से इस्तेमाल किया जाता है. DVd writer में laser लगा हुआ रहता है.
  6. दोनों में से ज्यादा storage DVd में मिलता है. और दोनों में ही Rewrit का ऑप्शन रहता है.

what is pen drive in hindi

Pen Drive भी एक सेकेंडरी डिवाइस है, जो external storage device है. Pen के जैसा ढक्कन लगा हुआ ये डिवाइस मिलता है. आज कल दूसरे तरह का भी पेन ड्राइव मार्किट में उपलब्ध है. ये एक USB Flash drive होता है. जिसमे flash memory का इस्तेमाल किया जाता है डाटा स्टोर करने के लिए. ये एक portable storage device है. Flash drive के बारेमे हमने निचे बताया है.

Pen Drive की विशेषताएं (characteristics)

  1. Storing और data transferring करने का एक सहज, आसान और भरोसेमंद storage device है.
  2. आकार में small size और पेन के जैसा देखने में.
  3. USb port में ही connect हो जाता है, ये plug and play डिवाइस।
  4. high capacity storage का सुबिधा. जो modern pendrive में 1Tb(Tera Byte) से 2Tb का space मिल सकता है. जो Large file को स्टोर और ट्रांसफर कर सकता है.
  5. ये एक Flash Drive है.
  6. Data transfer rate: USB version 2.0 में 35 Mbps तक स्पीड दे सकता है. USB version 3.0 में 625 Mbps तक स्पीड देता है.
  7. ये सस्ता भी होता है.

sd card

इसका पूरा नाम Secure Digital है. जिसे short-form में SD Card कहा जाता है. ये सेकण्डरी स्टोरेज है, जो बोहोत ही छोटा आकर का होता है. ये mobile, tablet, computer में इस्तेमाल किया जाता है. ये भी flash memory का इस्तेमाल करता है. SD कार्ड का बोहोत सारे variation मौजूद है. उनमे से एक है micro SD card. आज कल बोहोत high capacity बाले कार्ड्स भी उपलब्ध होते है.

SD card की विशेषताएं (characteristics)

  1. ये सेकेंडरी मेमोरी है और इसलिए इसमें non-volatile memory है.
  2. SD कार्ड में स्टोरेज capacity range 128 MB to 2GB.
  3. cards का default format होता है FAT16.
  4. इस memory में बिभिन्य तरह का variation देखने को मिलता है. normal SD card, SDHC card, or SDXC card.
  5. SDHC का पूरा नाम है SD High Capacity.
  6. SDHC cards capacities होता है 4GB से 32GB तक. और default format FAT32 है.
  7. SDXC का पूरा नाम है SD Extended Capacity.
  8. इसकी 64GB to 2TB तक storage capacity होता है. और default format exFAT होता है.
  9. SD cards की और दो वैरिएंट्स है Mini SD card और Micro SD Card.
  10. SD कार्ड durable होता है. और लम्बे समय तक चलता है. अगर अच्छे से रख्हा.
  11. इन Secure digital Cards(SD Cards) की एक विशेष फीचर ये है, की इसमें रख्हा images format के बाद भी recover किया जा सकता है. इसके लिए card recovery softwares का इस्तेमाल किया जाता है. formatting भी अगर इन सॉफ्टवेयर के द्वारा किया जाये तो फिर full format होता है.

ऊपर बताया गया basic computer memory का दो types प्राइमरी और सेकेंडरी मेमोरी. आपने प्राइमरी और सेकेंडरी मेमोरी का कुछ example भी देख चुके है. मगर इसके अलावा और भी कई प्रकार का कंप्यूटर मेमोरी मौजूद है. जैसे cache memory, flash memory. चलिए अब जानते इनके बारेमे. उससे पहले, आपका टेक्निकल ब्लॉग subhra som आपको कैसा लग रहा है, कमेंट में जरूर बताएं. इस हिंदी ब्लॉग में क्या क्या टॉपिक आपको चाहिए ये भी बता सकते है. चलिए आगे बढ़ते है.

Cache computer memory

दोस्तों Cache Memory एक छोटा सा memory device है जो processor core के आसपास ही नज़र आते है. ये एक बिशेस काम में मदत करता है. ये data copy करके अपने अंदर सेव करके रखता है, जो बार बार user द्वारा इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए ये main memory locations को नज़र रखता है. और ये पता लगता है main memory का कौनसा लोकेशन repeatedly use किया जा रहे है. और जो डाटा अधिकबार इस्तेमाल किये जाते है, cache memory उसका एक कॉपी बना लेता है. इससे फ़ायदा ये होता है, की यूजर को fast response मिलता है.

Cache Memory प्राथमिक और सेकेंडरी दोनों रूप से इस्तेमाल होता है. अगर primary memory के रूप में ये इस्तेमाल हो तो, cache को सीधा processor के ऊपर या आसपास ही integrate किया जाता है.

Flash Memory definition

Flash Memory को flash storage भी कहा जाता है. ये एक non volatile memory chip होता है. जिसका इस्तेमाल USB flash drive मतलब pen drive में किया जाता है. pen drive का केस के अंदर ये एक electronic solid-state chip नज़र आते है. इसका काम भी data transfer करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. अक्षर एक computer से अन्य कंप्यूटर में डाटा को हम pen drive जैसा flash memory storage के माध्यम से ही करते है. इस chip को electronically erase और reprogram भी किया जा सकता है. इसका इस्तेमाल MP 3 players, digital cameras और SSD Cards (solid-state drive cards) में भी किया जाता है.

Difference Between Flash Memory and Cache Memory

FlashCache
Non volatileVolatile
Flash memory is slow then cacheCache memory is faster
Flash memory type: Secondary memoryCache memory type: primary or secondary cache memory
Location: Outside CPULocation: CPU chip or Motherboard
two types of flash memory: NOR and NANDtwo types of Cache memory: L1 Cache and L2 Cache

3D XPoint Drive

थ्री डी क्रॉस पॉइंट नाम से जाना जाता है 3D XPoint ड्राइव एक non volatile memory है. इसे July 2015 में Intel and Micron Technology साथमे मिलकर बनाया. Optane और QuantX नाम से बाजार में मिलने बाले ये storage device प्रीमेरी मेमोरी और सेकेंडरी मेमोरी का बिच का characteristic बाला है. ये secondary memory से कई ज्यादा fast है. मगर DRAM से slow है. वही कीमत में ये RAM से सस्ता भी है. मगर सेकेंडरी मेमोरी से कुछ महंगा है.

3D XPoint को लगाने का सबसे अच्छी बात ये है की non volatile होने के कारन, RAM के जैसा power off करने पर data lost नहीं होता है. मगर इसे आमतौर पर hosting server पर ही इस्तेमाल किया जाता है. साधारण daily use computer में को नहीं मिलता है.

First Computer Memory

Freddie Williams and Tom Kilburn ने पहला “random-access digital storage device” को बनाया. जिसे Williams tube या the Williams–Kilburn tube नाम से जाना जाता था. इसमें कई सारे tubes लगे रहते थे. जिसमे एक tube 1024 से 2560 bits of data को स्टोर करने का छमता था.
इसे British patents के लिए उन्होंने 11 December 1946 और 2 October 1947 को अप्लाई किये. और United States patent के लिए 10 December 1947 और 16 May 1949 को अप्लाई किये.

Who invented computer memory

Robert Heath Dennard
सन् 1967, सितंबर का महीने में, अमेरिकी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और आविष्कारक रॉबर्ट हीथ डेनार्ड ने सिंगल ट्रांजिस्टर बाले dynamic random access memory या DRAM का अबिष्कार किये. इसे सबसे प्रख्यात और आधुनिक कंप्यूटर मेमोरी माना जाता है.

History in hindi

  • सबसे पहला memory storage का इस्तेमाल हुआ था punch card के रूप में. जिसे computer में program डालने और उसे store करने के लिए बनाया गया था. इसे 1837 में Charles Babbage ने Analytical engine में इस्तेमाल किये थे. जो कप्यूटर का आदि रूप था.
  • पहला drum memory को बनाया गया 1932 में. इसे बनाने बाले थे Austrian developer “Gustav Tauschek” ने.
  • Atanasoff-Berry Computer का नाम बोहोतो ने सुना होगा. हमने subhra som में इसके बताया है what is RAM इस आर्टिकल में. खैर, Atanasoff computer में पहलीबार regenerative capacitor drum memory का इस्तेमाल हुआ.
  • इसके बाद आया Williams tube नाम का कंप्यूटर मेमोरी आया 1947 में। जो असल में CRT (cathode-ray tube) था.
  • UNIVAC 1101 या ERA 1101 वो पहला कंप्यूटर था जिसमे working memory देखा गया. जो मेमोरी से प्रोग्राम चलने में सक्षम था. फिर 1951 में पहला RAM का पेटेंट किया गया, और इसे करने बाले थे अमेरिकी कंप्यूटर बैज्ञानिक Jay Forrester.
  • Z22 नाम का कंप्यूटर में पहलीबार magnetic storage memory का इस्तेमाल हुआ.
  • one-transistor DRAM cell के लिए 4th June, 1968 में Dr. Robert Dennard को पेटेंट मिला।
  • 1969 में Intel द्वारा बाजार में लाया गया पहला 1024-bit ROM और 64-bit SRAM.
  • 1978 में पहला EEPROM develop किया गया. जिसका नाम था Intel 2816. और इसे बनाये थे Intel के साथ George Perlegos ने.
  • 1996 से सुरु हुआ DDR SDRAM और September 2014 से DDR4 SDRAM का बिक्री. source:computerhope.com

Conclusion – निष्कर्ष

हमारे नए धरा के जीवन शैली में कंप्यूटर का महत्व पूर्ण साधन है. और computer memory कंप्यूटर में इस्तेमाल किये जाने बाले एक बिशेष computer part है. आज हमने जाना computer memory किसे कहते है. और इसकी types के बारेमे जाना. हमने ये भी जाना primary और secondary memory किसे कहते है. हर popular memory का नाम और उसका इस्तेमाल characteristic हमने बताया.

हमने Hindi में history of computer memory भी उपलब्ध करवाया. भबिस्य में भी हम subhra som के द्वारा आपको quality article आपके भासा हिंदी में लाते रहेंगे. आपको इस आर्टिकल में दिए गए जानकारिया valuable लगा तो Facebook, twitter, WhatsApp में दोस्तों के साथ शेयर कर सकते है. भबिस्य में भी आपका hindi blog subhrasom के साथ बने रहिये. अपने अपना समय दिया, इसके लिए आपको तहे दिलसे द्य्न्यवाद। जाते जाते एक comment जरूर करें. Thank You All!!!

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