Image represent Computer information in hindi

Computer: क्या है? कैसे काम करता है? Details in Hindi

Computer एक electronic device है, जो user के द्वारा डाला गया Input data को process करके store करता है. और user को output data प्रदान करता है..

परिचयComputer in hindi: Computer एक electronic device है, जिसे data process करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. मतलब Computer एक ऐसा machine है. जो कोई भी डेटा को Binary language (0 और 1) के माद्यम से process और store करके user को रिजल्ट प्रदान करता है. Computer सिर्फ 0 और 1 numeric language ही समझता है.

विषय - सूची

कंप्यूटर क्या है – What is a computer (Hindi)

Computer in hindi

Computer एक ऐसा electronic machine है, जिसे computer programming के माध्यम से instruction दिया जाता है. ये आदेश कुछ arithmetic or logical operations (अंकगणित या तार्किक संचालन) के अनुक्रम को पूरा करने के लिए दिया जाता है. और ये मशीन दिए गए instruction को store(संग्रहीत), retrieve(पुनर्प्राप्त), and process data(संसाधित) के अनुक्रम में पूर्ण करता है.

आसान भाषा मे कहा जाये तो, कंप्यूटर के माध्यम से दस्तावेज को type करने के बाद, इस machine में सुरक्षित store करके रख सकते है. और बादमे जब भी जरुरत परे उस दस्तावेज(डाटा) को फिरसे पुनर्प्राप्त कर सकते है. इसके इलावा और भी बोहोत सारे काम कंप्यूटर के माध्यम से आसानीसे कर सकते है. जैसे कोई mathematical calculation कुछ click में ही हमें मिल जाते है.

हमारे मनोरंजन के लिए games खेल सकते है. computer में मन पसंद movies देख सकते है. video presentations और Image presentations बना सकते है. नया art design बना सकते है. Computer एक इलेक्ट्रोनिक यंत्र है और हमारे जीवन को गति देनेके लिए बनाई गयी है.

कंप्यूटर कैसे काम करता है – How computer works

पहले स्टेप में, कंप्यूटर यूजर्स से data collect करता है. Data संग्रहीत करने के प्रक्रिया को input कहते है. फिर data store होता है और processing के लिए आगे बरता है. उसके बाद processed data फिरसे स्टोर किया जाता है. और फाइनली output दिया जाता है. ये प्रक्रिया कुछ निचे दिया गया चित्र जैसा ही होता है.

Computer Work Steps

Steps:
Input ➛ Store ➛ Retrieve ➛ Process ➛ Store ➛ Output

दिए गए चित्र में, कंप्यूटर की कार्य प्रक्रिया को steps में describe किया गया है. अगर उन्हें मुख्य 3 भागों में उल्लेखित किया जाये तो वो हो सकता है Input Data, Process Data और Output Data.

कंप्यूटर शब्द का उत्पत्ति – Origin of the term computer

Latin Word:
Computare ➛ To Count
Com With (साथ)
Putare Reckoning (गणना)

Computer एक Latin Word का विकसित रूप है. ये शब्द, एक Latin शब्द Computare से लिया गया. इसका अर्थ है गणना या calculation करना.

दोस्तों इंग्लिश में computer के जगह पर “compute” शब्द का इस्तेमाल सदियों तक किया गया. फिर सं 1660 में King Charles II के ज़माने में England royal navy का प्रशासक और Member of Parliament रह चुके Samuel Pepys नाम के बेक्ति ने computing शब्द का इस्तेमाल किये. फिर 1731 में Edinburgh Weekly Journal ने अपने एक लाइन में कंप्यूटर शब्द को इस्तेमाल किया.

1939 और 1942 के बीच का कोई एक समय पर एक electronic device को बनाया गया Iowa State University में. और इस machine को Computer नाम दिया गया. मशीन को बनाने बाले थे American physicist and inventor John Vincent Atanasoff.

कंप्यूटर का आविष्कारक – Inventor Of Computer

Computer को बनाने वाले कई inventors है. जिन्होंने धीरे धीरे invention को आगे बढ़ाते हुए आज का कंप्यूटर हमें उपहार दिए. पर पहली बार इसकी सुरुवात की Charles Babbage ने. ये एक अंग्रेजी गणितज्ञ और आविष्कारक थे. इन्होने पहली automatic digital computer बनाये. इन्हे father of computer कहा जाता है.

Computer Inventors List

Charles Babbage
(1791-1871)
Alan Turing
(1912-1954)
Konrad Zuse
(1910-1995)
John Vincent Atanasoff
(1903-1995)
John Mauchly
(1907-1980)
J. Presper Eckert
(1919-1995)
John von Neumann
(1903-1957)
Clifford Berry
(1918-1963)
Douglas Engelbart
(1925-2013)
William Shockley
(1910-1989)
Vannevar Bush
(1890-1974)
Tommy Flowers
(1905-1998)
Walter Houser Brattain
(1902-1987)
Steve WozniakArthur Burks
(1915-2008)
Robert Noyce
(1927-1990)
Howard H. Aiken
(1900-1973)
Jack Kilby
(1923-2005)
Stanley MazorVint Cerf
Marcian HoffRobert E. KahnTim Berners-LeeFederico Faggin
Paul Allen
(1953-2018)
Herman Hollerith
(1860-1929)
James Thomson
(1822-1892)
Maurice Wilkes
(1913-2010)
Harold Locke Hazen
(1901-1980
Joseph Marie Jacquard
(1752-1834)
Guido Van RossumJohn Backus
(1924-2007)
John Napier
(1550-1617)
Julius Edgar Lilienfeld
(1882-1963)
Masatoshi ShimaWilhelm Schickard
(1592-1635)
Larry PageSergey BrinRobert MetcalfeDennis Ritchie
(1941-2011)
Pier Giorgio Perotto
(1930-2002)
An Wang
(1920-1990)
William Oughtred
(1574-1660)
Phiippe Khan
Paul Baran
(1926-2011)
Leonard KleinrockDorr Felt
(1862-1930)
Charles Xaviar Thomas
(1785-1870)
Curt Herzstark
(1902-1988)
Gary Starkweather
(1938-2019)
James Gosling
Source: en.wikipedia.org

कंप्यूटर का फुल फॉर्म – Full form of computer

COMPUTER
Common Operating Machine Purposely Used for Technological and Educational Research
सामान्य ऑपरेटिंग मशीन तकनीकी और शैक्षिक अनुसंधान के लिए उपयोग की जाती है

दोस्तों ये computer का full form के हिसाब से जाना जाता है. मगर वैसे देखा जाये तो इसके आक्षरिक full form कुछ नहीं है. जैसे की आपको इस hindi blog में पता चल गया कंप्यूटर नाम का कैसे उत्पत्ति हुआ. ये नाम धीरे धीरे बिक्षित हुआ है. purposely नहीं दिया गया.

कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर क्या है – Computer hardware and software

दोस्तों हमने computer hardware और software के बारे में काफी सुन रख्हा है. मगर असल में ये होता क्या है?चलिए जानते है.

computer hardware and software

Hardware
हार्डवेयर आपका कंप्यूटर का हर वो हिस्सा है जो physical components से बनी होती है. मतलब जिसे आप अपने आँखों से देख सकते हो और छू सकते हो वो सभी hardware है. जैसे की आपके computer mouse, keyboard. आपका CPU, PROCESSOR, RAM और हर एक छोटा छोटा पुर्जा सभी हार्डवेयर है.

Software
सॉफ्टवेयर के बात करें तो वह सभी programs और operating information, जो computer को बताता है क्या करना है और किस तरह करना है. असलमे softwares के द्वारा कंप्यूटर कोईभी काम को करने का निर्देश प्राप्त करता है. जैसे की Operating Software, web browsers, word processors, games, Application Software. इसको दो भाग में समझते है.

एक है System Software, जिसे आपका computer OS भी कहा जाता है. जैसे Windows 7,Windows 10, Vista, Xp, Linux, MacOS, Ubuntu इत्यादि. ये आप अपना कंप्यूटर On करते ही home screen पर जो दीखते है. ये आपके कंप्यूटर में न्य program को मैनेज करते है. इसलिए इसे Operating System यानी OS कहते है.

दूसरा है Application software एक software package है, जो एक निर्दिस्ट कार्य को करने के लिए आप अपने कंप्यूटर में डालते है. जैसे की Photoshop, Coreldraw, Microsoft Office (Word, Excel, PowerPoint), Media Player, Google Chrome इत्यादि.

कंप्यूटर सिस्टम के मूल भाग – Basic parts of a computer system

Basic parts of a computer system
  1. Monitor
  2. CPU (Central Processing Unit)
  3. Keyboard
  4. Mouse
  5. Speakers
  6. Printer
  7. UPS
Basic Parts NameWorkInput/Output/Processing Device/Power Supplier
MonitorDisplay the resultsOutput Device
CPUProcess DataProcessing Device
KeyboardType Data/Entering DataInput Device
MouseGive a input to the computer by PointingInput Device
SpeakersSound OutputOutput Device
PrinterPrint a DataOutput Device
UPSBattery Backup SystemPower Supplier

कंप्यूटर CPU के पुर्जों का नाम – Parts of Computer CPU

Parts of Computer CPU
  1. Motherboard
  2. Processor/CPU
  3. RAM (Random Access Memory)
  4. ROM (Read Only Memory)
  5. BIOS
  6. Hard Disk Drive (HDD) or Solid State Drive (SSD) – Storage
  7. SMPS (switched-mode power supplies)
  8. Graphic Processing Unit (GPU)
  9. Optical Disc Drive (ODD)

What is Motherboard, Processor?

1. Motherboard:
दोस्तों Motherboard क्या है? ये एक मुख्य अंग है कंप्यूटर की. Motherboard एक printed circuit board है. जिसमे कंप्यूटर की अन्य अंश लगा हुआ रहता है. जैसे की CPU, BIOS, memory, mass storage interfaces, serial and parallel ports, expansion slots और हर किस्म का controllers.

मदर बोर्ड एक पतली सी प्लेट का ऊपर सर्किट बना हुआ रहता है. इसके द्वारा control किया जाता है सभी ports को. motherboard के साथ expansion card को जोर कर इसकी परिधि को बारया जाता है. ताकि Optical Drive और Audio के लिए Connection जोड़ा जाये.

2. Processor:
दोस्तों CPU का मतलब हम समझते थे कंप्यूटर का वो बॉक्स जिसे computer case कहते है. जिसके अंदर motherboard, RAM ये चीजे लगी रहती है. मगर असलमे PROCESSOR क्या है? ये होती है कंप्यूटर के motherboard में लगी एक छोटा सा पुर्जा. जिसे computer brain आप कह सकते है.

प्रोसेसर के मदत से कंप्यूटर हर program को operate करते है. वैसा ही जैसे हमारा दिमाग करता है. इसे ही CPU भी कहते है. और इसकी quality निर्भर करता है speed के ऊपर. यानि processor speed जितनी ज्यादा होंगे कंप्यूटर उतनी fast काम कर पायेगी.

What is RAM, ROM?

3. RAM:
क्या आप जानते है, RAM किसे कहते है? कंप्यूटर में हम जो भी गतिविधि दोहराते है, वो सभी RAM द्वारा access किया जाता है. इसीलिए इसे Random Access Memory कहते है. ये computer memory की एक form है. इसकी मूल काम है real time में data को temporarily save करके रखना.

जैसे अभी आप हमारे hindi blog subhra som पढ़ रहे हो. ये डाटा RAM द्वारा print किया जा रहा है. मगर जैसे ही आप दूसरी वेबसाइट को खोलते हो ये डाटा खो जायेंगे. मगर, अगर आप हमारे इस Hindi article को bookmark करके रखते हो, तो वो hard drive में सेव रहेंगे.

इसी तरह online के अलावा अगर आप computer में कोई software में कुछ लिख रहे हो या कोई काम कर रहे हो, वो जबतक आप save नहीं करेंगे, वो Ram में temporary ही save होंगे. इसलिए काम करते करते अगर computer off हो जाये तो डाटा खोने का डर रहता है. इसीलिए बिच बिच में file save कर लेना चाहिए.

RAM को मापने के लिए Megabytes (MB) और Gigabytes (GB) Unit का इस्तेमाल किया जाता है.

4. ROM:
Computer manufacturer द्वारा डाला गया ये एक software होता है. जिसे यूजर कोई modify या remove नहीं कर सकता. ये कुछ जटिल programming होता है जो system को चलाने के लिए महत्यपूर्ण भूमिका निभाते है.

ROM का full form है Read Only Memory. और इसका नाम इसके चरित्र के ऊपर दिया गया है. कुछ कुछ साधारण सी device में ROM एक complete operating system का काम करता है. उनमे दूसरे OS की जरुरत नहीं परता. इसे firmware भी कहा जाता है. इसका मतलब है permanent software program जिसे read-only memory में डाला गया है.

What is BIOS, HDD, SDD?

5. BIOS:
दोस्तों BIOS क्या है? क्या आप जानते है. अगर नहीं तो बताते है. BIOS एक फर्मवेयर है. और booting process इस firmware के द्वारा perform किया जाता है. कंप्यूटर ऑन करते ही कुछ समय ये लेता है साडी चीजे load करने के लिए. जैसे Operating system, software’s बगेरा screen पर लोड होकर आते है. इसे बूटिंग कहते है. और BIOS इसी काम को करते है. ये PC की system board में पहले से ही install रहता है, और computer on होते हि सबसे पहले येही run करता है.

6. HDD – SDD (Storage):
कंप्यूटर storage device HDD or SDD क्या है और कौन सा है बेहतर? चलिए जानते है. HDD मतलब hard disk drive एक प्रचलित और पुराने ज़माने का computer storage है. इनमे mechanical platters (or disk) रहता है. जो घूमते रहता है. इसके ऊपर लगा read/write head डाटा को सेव करता है. इनमे moving parts होने के कारन power consumption भी ज्यादा होता है.

SSD एक नए ज़माने का कंप्यूटर स्टोरेज device है. असलमे ये एक chip है जो डाटा को save करके रखता है. ये HDD से बोहोत ही fast data save कर सकता है. और बोहोत ही कम power consume करता है. आजके हाई-end machine में SSD ही लगा रहता है.

What is SMPS, GPU, ODD?

7. SMPS:
दोस्तों SMPS हमारे कंप्यूटर में एक महत्वपूर्ण parts है जिसके माद्यम से electronic power supply को ठीक तरह कंप्यूटर में प्रबेश कराया जाता है. SMPS का full form है switched-mode power supply. मगर इसे switcher के नाम से भी जाना जाता है. इनमे एक switching regulator लगा रहता है. जो बिजली की आपूर्ति को कुशल तरीके से प्रबाहित करते है. ताकि ज्यादा या काम voltage के कारन computer में कोई खराबी न आये.

8. GPU:
Graphics Processing Unit या GPU एक विशेष इलेक्ट्रॉनिक सर्किट है. जो graphics जैसे की image को process करने के काम में लगता है. ये डिस्प्ले डिवाइस में लगी रहती है. जो frame buffer के जरिये छवियों के निर्माण में तेजी लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. GPU का उपयोग मोबाइल फोन, पर्सनल कंप्यूटर, वर्कस्टेशन, गेम कंसोल आदि में किया जाता है.

9. ODD:
Optical Disc Drive या ODD एक disc drive है. ये उपयोग किया जाता है कंप्यूटर से कोई डाटा, इमेज, movie, file बगेरा को DVD डिस्क पर copy करने के लिए. इसे हम जलती भासा में disc write भी कहते है. इसमें एक laser light लगा हुआ रहता है. जो प्रकाश spectrum के भीतर या पास laser light या electromagnetic waves का उपयोग करके optical disc से डेटा read and write करता है.

कंप्यूटर के प्रकार – Types of computer

Size and shapes के हिसाब से computer विभिन्न types का होता है. कंप्यूटर की प्रकार किया जा एकता है उसके usability या प्रयोज्य के हिसाब से. हमारे परिचित कंप्यूटर Desktop और Laptop है. पर अभी इनके अलावा Tablets भी काफी लोकप्रिय कंप्यूटर बन चूका है. Desktop computer सामान्य तौर पर personal computer नाम से परिचित है.

पर इससे भी बड़ी एक कंप्यूटर हमारे इस्तेमाल में रोज लगता है. और हमने नाम भी सुना है. मगर ज्यादातर लोगोको पता ही नहीं की Server भी एक कंप्यूटर ही है. सर्वर के माद्यम से ही आप हमारे Hindi Blog को पढ़ पा रहे हो. ये Internet के साथ जुड़ा हुआ एक बिशाल network की जाल सा होता है. नीचे इसके विषय में और जानकारी प्राप्त करें.

Desktop Computers
(डेस्कटॉप कंप्यूटर)

desktop

हमारे घर पर, ऑफिस, स्कूल में और स्थानीय cyber cafe इस्तेमाल किये जाते है desktop computer. इनमे एक CPU, Monitor, Keyboard, Mouse और UPS रहता है. कुछ कुछ लोग sound system भी लगाते है. मगर ये external part है.

वैसे UPS भी अतिरिक्त हिस्सा ही है. इसके बिना भी कंप्यूटर चल सकता है. ये power cut पर backup देने के लिए एक बेटरी होता है. पर अभी computer के साथ इसे लोग इस्तेमाल करता ही है. Desktop लोग घर पर इस्तेमाल करते है personal काम के लिए, इसीलिए इसे personal computer नाम दिया गया. इसका design एक desk या टेबल पर रखने के लिए किया गया है.

Laptop Computer
(लैपटॉप कंप्यूटर)

laptop

छोटा सा portable computers हम इस्तेमाल करते है, जो दिखने में एक बड़ी डायरी जैसी लगती है. हलाकि ये लगभग 15″ का होता है. इसे हम laptop के नाम से जानते है. इसमें physical component बोहोत छोटे आकार में रहती है.

keyboard laptop body में ही संयुक्त रहती है. और mouse के जगह पर एक touch pad रहती है. जिसे हम ऊँगली से छू कर चलाते है. इनमे सेंसर लगी रहती है. उंगलिको आप जिधर घुमाएंगे माउस के जैसा उधर pointer चलेगी. इसमें speakers भी लगी रहती है. और ज्यादातर लैपटॉप में DVD player भी उपलब्ध रहता है. असलमे ये एक compact computer है. जिसे आप कही भी इस्तेमाल कर सकते हो. और कही भी ले जा सकते हो. इसे rechargeable battery से पावर मिलता है. घर पर आप इसे adapter लगाके सीधा बिजली से भी चला सकते हो.

Tablet computers
(टैबलेट कंप्यूटर)

tablet

Laptop से और भी handy computer है Tablet. इसे आप हाथ पर लेकर काम कर सकते है. ये देखने में एक बड़ा आकार का मोबाइल फ़ोन का जैसा लगता है. इसमें एक touch screen रहता है. जिससे आप type कर सकते हो. और ऊँगली के इस्तेमाल से mobile like काम कर सकते हो. इसमें physical components बहुत ही छोटे आकृति का लगता है. इन तरह का टेबलेट कंप्यूटर में नैनो-टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है. Nano-technologies क्या है? नहीं जानते तो पढ़ लीजिये. खैर, Google’s Nexus 7, Apple iPad, Samsung’s Galaxy Tab ये सब ही टेबलेट है.

Servers
(सर्वर)

servers

Internet में इस्तेमाल होते है Servers. ये भी giant computer है. बल्कि ये कई कम्प्यूटर्स की समूह है. इसके माद्यम से एक network तैयार किया जाता है. और कई सारे कम्प्यूटर्स को इस नेटवर्क से जोड़ा जाता है. उदाहरण के लिए, हम जो भी इंटरनेट में search करते है या कुछ भी नेट पर काम करते है वो सर्वर के माद्यम से हमारे personal computer तक पोहोचते है. किउकी हमारा PC जुड़ा रहता है उस बिशाल कंप्यूटर के साथ internet के माद्यम से.

कंप्यूटर के कुछ और प्रकार – Few more types of computer

ऊपर बताई गई Traditional Computer के प्रचलित प्रकार है. जिसे हम कंप्यूटर नाम से जानते है. मगर इनके अलावा कुछ other type of computer है. जिसे कंप्यूटर न कहके हम Smartphone, Gaming Console, Smart Watch, Smart TV आदि के नाम से जानते है. चलिए अब एक एक करके इनके बारेमे संक्षिप्त में बिबरन लेते है.

Pocket Computer

Smart Phone: दोस्तों आज के जमाने में हम अपने पॉकेट में smart computer ले कर घूमते है. जिसे हम Smart Phone कहते है. इन्हे कंप्यूटर कहने का तात्पर्य क्या है? ये एक computer में होने बाले हर काम को primary steps में करने में सक्छम है. जी हाँ, Apps के द्वारा आप हर वो काम कर पाएंगे, जो एक प्रचलित कंप्यूटर (popular computer) कर सकते है.

इनमे आप word excel sheet का काम कर सकते हो. छोटा मोटा डिज़ाइन बना सकते हो. Image video edit कर सकते हो. Net surfing के साथ games खेल सकते हो. movies देख सकते हो. Camera से photo click कर सकते हो. एक्साम्पल: Apple iPhone एक दमदार Smart Computer है.

Wearable Computers

Smart Watch: इस तरीके के computers को आप हाथ में पहन सकते है. इन्हे wearable computer कहा जाता है. इनमे application के द्वारा आप smartphones के जैसा ही बोहोत से काम कर सकते हो.

पर इन्हे उपयोग किया जाता है fitness tracker और phone call receiver के रूप में. ये स्मार्ट वाच आपका दिलके धरकन को माप सकता है. आपका डेली fitness रूटीन को monitor कर सकते है. एक्साम्पल: Samsung Gear के बेहतरीन wearable computer है.

New Gen Computer

Video Gaming Console: New Gen Computer कह सकते है इन्हे आप. किउकी gaming तो हाल ही में popular हुयी है. Gaming Console Computer ही है. बस इसमें आप सिर्फ गेम्स खेल सकते हो. इसके लिए आपको monitor की जरुरत पड़ेगी. या फिर आप इसे अपने television के साथ भी जोड़ सकते हो. एक्साम्पल: PlayStation 4 Pro, Xbox One S ये दोनों ही powerful game console है.

Smart TV: Technology का smart होने के साथ ही हमारे चारो और की चीजे भी बदल रही है. लगभग सभी साधारण सामग्री smart device में परिबर्तित हो रही है. उनमे आपका TV भी शामिल है. अभी जमाना आ गया है smart TV का. जिसे आप android TV भी कहते हो. जिसमे फ़ोन के जैसा ही apps की भंडार है. और इन apps के जरिये आप लगभग वो सारे काम कर सकते हो जो आप computer में करते हो.

आप online content को अपने TV पर ला सकते हो. video streaming कर सकते हो. YouTube, Netflix जैसे सर्विस की उपयोग भी कर सकते हो. एक्साम्पल: Samsung Smart TV, Sony, TCL के popular smart TV काफी चलती है.

कंप्यूटर का अनुप्रयोग – Application of the Computer

दोस्तों आज का समय पूरी तरह computer dependent हो चूका है. हमारे घर से लेकर सामने बाला दुकान या super market सभी जगह कंप्यूटर पोहोच चुके है. इसके बिना हम हमारे जीबन सोच भी नहीं सकते। हमारे education, business, finance, travel, marketing, health, Security, Insurance, Communication, Engineering सभी में आज कंप्यूटर अनिबर्य एक सामग्री बन चूका है. यहाँ तक की Government Sector में भी यूज़ किया जाता है.

कोई भी production और invention कंप्यूटर के बिना मुश्किल सा लगता है. हमारे Smartphones से लेकर हमारे cars तक में computer chip का इस्तेमाल होता है. अभी तो bikes भी chips लगी आ रही है. चलिए थोड़ा डिटेल्स में जानते है computer की कुछ उपयोग.

Education, Business, Banking

Education में कंप्यूटर:
Computer Based Education या CBE अभी के शिक्षा व्यवस्था में काफी पॉपुलर एक प्रयोग है. इसमें नियंत्रण, वितरण और सीखने का मूल्यांकन (control, delivery, and evaluation) के माद्यम से छात्रों को सिखाया जाता है. जिसमे students और भी तेजी से सीखते है. इसके अलावा स्टूडेंट्स की दस्ताबेज database के रूप में रख्हा जाता है. ये paperless work को बराबा देता है. और भी कई नए methods लाया गया है कंप्यूटर के माद्यम से शिक्षा देने की. जैसे अभी Online Classes कभी चर्चा में है. जिससे स्टूडेंट्स घर बैठे सिख सकता है.

Business में कंप्यूटर:
Calculation में तेजी और accuracy लाने के लिए अभी छोटा बड़ा सभी business में कंप्यूटर का उपयोग होने लगा है. इससे छोटेमोटे दुकानदार अपने customers का खता मैनेज करते है. और वही बड़ा सा business organizations अपने employees का Payroll calculations करते है. इसके अलावा Sales analysis, stocks के Maintenance, Finance management और Budget देखने के लिए computer काम में आता है.

Banking में कंप्यूटर:
वित्तीय कार्य में कंप्यूटर तो जैसे जान बन चुका है. computer के बिना बैंक जैसे बंद सी हो जाएगी. किउकी bank में लगभग हर काम कंप्यूटर की माध्यम से ही किया जाता है. customer की खता क जानकरी. cash flow सभी को manage computer द्वारा किया जाता है. इसके अलावा अभी ग्राहक online banking से सारे काम अपने laptop पर बैठ कर ही कर लेता है. ATM से कॅश निकलते वक़्त computer screen पर ही सारे display से navigation किया जाता है.

Marketing, Healthcare, Communication, Defense

Marketing में कंप्यूटर:
मार्केटिंग आज के जमाने का सबसे बड़ा छेत्र में से एक है. और online marketing तो हर बिज़नेस में इस्तेमाल होता है. चाहे आप कुछ सामान ख़रीदे इसमें आपको computerized catalogues मिलते है. या अगर आप online ads का यूज़ करे, दोनों ही मार्केटिंग कंप्यूटर के बिना सम्भब नहीं है. छोटा बड़ा हर किस्म का business अभी sell promote करने के लिए Google ads या Facebook ads का इस्तेमाल करते है. और ये एड्स को बनाते है ads professional. वो कंप्यूटर का इस्तेमाल करके शानदार graphic बनाते है. Video भी बनाई sells में बड़ोतरी होती है.

Healthcare में कंप्यूटर:
स्वास्थ्य देखभाल में भी कंप्यूटर मौजूद है. कैसे? hospitals, labs, dispensaries सभी में तो कंप्यूटर रहता है. ये रोगियों का और medicines का रिकॉर्ड कंप्यूटर में रखते है. इसके अलावा CT scans, ECG, ultrasounds, EEG सभीमे कम्प्यूटर्स मौजूद है. और अभी तो Surgery भी computer से हो रहा है.

Communication में कंप्यूटर:
हम text message, voice message या picture के माध्यम से लोगो से online communicate करते है. जैसे email भेजते है, Video-conferenc करते है, Chatting करते है. इन सभीमे computer या smartphones का इस्तेमाल करते है.

Defense में कंप्यूटर:
Military में कंप्यूटर एक जरूरत बन चुका है. देश की रक्षा में missiles, tanks, और modern weapons भी कंप्यूटर से परिचालित होता है. नए जमाने का drone, robotic aircraft का इस्तेमाल मिलिट्री में होता है. इन्हे भी कंप्यूटर से ही चलाया जाता है.

Government, Engineering, Entertainment

Government में कंप्यूटर:
हमारे गवर्नमेंट हर काम में कंप्यूटर का इस्तेमाल करते है. जैसे नया बजट पेश किया जाता है. उसे कंप्यूटर की मदत से ही तैयार किया जाता है. Income tax department में दस्तावेजों को कंप्यूटर में सेव करके रखा जाता है. voters lists को computerize किया गया, ताकि और भी सही तरीके से voting हो पाए. Weather forecasting को हम कंप्यूटर की मदत से ही जान पाते है. और भी गवर्नमेंट चैत्र है जहां कंप्यूटर इस्तेमाल में लगता है जैसे Traffic control, Aviation, Space, Tourism इत्यादि.

Engineering में कंप्यूटर:
दोस्तों कोई भी अविष्कार में, अभी कंप्यूटर के सहायता से प्रयोग आसान हुआ है. या इउ कहे, मुमकिन हुआ है. कोई कोई बिज्ञान के चैत्र कंप्यूटर के बिना अधूरी है. अगर हम space science के बात करें. तो उसमे कंप्यूटर अनिबर्य है. मगर वह और भी advanced computer का इस्तेमाल होता है. इसके अलावा modern engineering में workshop में आधुनिक robots रहते है. कोई research में कंप्यूटर का उसे देखा जाता है.

Entertainment में कंप्यूटर:
मनोरंजन के चित्र तो बिना कंप्यूटर का मानो थम सी जाये. Editing, Scripting, Layout, Recording इन सभी काम में कंप्यूटर का इस्तेमाल होता है. Movies का shooting होने के बाद उन्हें कंप्यूटर में frame किया जाता है. Posters का design कंप्यूटर पर ही होता है. और अगर दूसरी तरफ देखे तो आप TV पर जो सीरियल देकते है और सीरियल के बिच में जो ads देकते है उन्हें भी computer की जरुरत परा है. आजकल तो movie tickets भी online booking की जाती है.

कंप्यूटर का फायदा – benefits of computer

दोस्त 2020 में कंप्यूटर हमारे जीवन का एक अंस बन चूका है. हमारे कोई भी काम को कंप्यूटर की मदत से, तेजीसे और ज्यादा perfection के साथ हम कर सकते है. कंप्यूटर हमारा समय का बचत करते है. और time consuming काम को कई गुना जल्दी कर देता है. और कंप्यूटर में हम एक साथ कई कामोंको कर सकते है. पहले के ज़माने में हम दस्ताबेज(important documents) को सम्हाल कर कई रखते थे और बाद में भूल भी जाते थे.

मगर अभी Computer Era में आसानी से जरूरी दस्तावेज को computer file के रूप में सम्हाल कर रख सकते है. और जरूरत पड़ने पर मिल भी जाता है. computer एक मशीन नहीं जैसे एक multi tasking manager के जैसा हमारे साथ काम करता है. वैसे और भी अनगिनत value कंप्यूटर हमारे जीबन में जोड़ रहा है. इसीलिए अगर लाभ के बारे में कहे तो Computers की अनगिनत benefits है हमारे लाइफ में.

फिरभी computer popularity, उनके तीन कामों के लिए बढ़ती ही जा रही है. वो है
1. Speed से काम को करने का काबिलियत.
2. Accuracy से काम को करने का हुनर.
3. Multitasking करने का योग्यता.

Speed-Accuracy-Multi Tasking

Speed:
दोस्तों एक मनुष्य ही computer invent किया है. मगर ये एक machine है. और हम सब जानते है मशीन में काम करने का power एक इन्शान से बोहोत ज्यादा होता है. और ये electronic machine लगातार बिना थके speed के साथ काम को जल्दी कर सकते है. हाँ ये बात अलग है की इसे एक इन्शान की assistance जरूर चाहिए. मगर अभी तो advanced computer तो ऐसा बन चूका है. जो automatic तरीके से human interference के बिना ही काम कर सकता है.

Accuracy:
Perfection की बात करें तो वो इंसान के level का नहीं हो सकता. मगर accuracy computer में ज्यादा होता है. हम मनुस्य एक समय के बाद थकने लगते है. और हमारा दिमाग भी थक जाता है. तब काम में भी गलतियां होने की probabilities पर computer एक device है. जो mechanical और computing तरीके से repeatedly एक ही काम को १००% accuracy से कर देता है. वो कोई calculation हो या फिर अन्य काम हो.

Multi-tasking:
मल्टीटास्किंग कंप्यूटर की एक नायब गुण है. जो एक कंप्यूटर को इन्शान से बोहोत ही काबिल बना देता है. multitasking मतलब एक ही समय पर अलग अलग काम को एक साथ करना. और कंप्यूटर एक साथ कई command को लेकर result आपको दे सकता है.

कंप्यूटर का नुकसान – Disadvantage of Computer

हज़ारो advantages के बाद भी कंप्यूटर की कुछ गंभीर drawback या disadvantage को हम नज़र अंदाज़ नहीं कर सकते. सबसे महत्यपूर्ण बात ये है की, कंप्यूटर damage कर रहा है manpower का इस्तेमाल. बड़े बड़े organization अपने छत्र में इन्शान के जगह पर कंप्यूटर को ज्यादा प्रेफर कर रहे है.

एक सदी पहले भी जहा hand made को ज्यादा प्रोत्साहन दिया जाता था. अभी robots उनका जगह ले चुके है. handmade products तो हम कभीकभार साख से खरीद लेते है. पर इसे लाख हम drawback कह ले.मगर प्रगति को तो स्वागत करना ही परता है. पर कंप्यूटर की इस्तेमाल बढ़ने के साथ हज़ारो लोग बेरोजगार भी हो गए है. आने बाले समय में ये और ज्यादा होने बाला है. दोस्तों कंप्यूटर की disadvantages को अगर टेक्निकल नज़रियाँ से देखे तो इनके और कई प्रकार का harm है. जैसे…

  • Computer Virus
  • Cyber Crime
  • Privacy Hacking
  • Health Issues
  • Create Dependency
  • Impacts the Environment

Virus, Cyber Crime, Hacking

Computer Virus: कंप्यूटर वायरस कोई जिबनु नहीं बल्कि ये computer virus एक प्रकार का कंप्यूटर प्रोग्राम है, जो अगर सिस्टम में आ जाये तो वो पहले से run कर रहा computer programs को बदल देता है. इसके लिए ये वायरस खुदका code system में install कर देता है. और आपका कंप्यूटर hack भी हो सकता है. इसीलिए हम anti virus software का इस्तेमाल करते है. जो कुछ हद तक protection देता है.

Cyber Crime: Online network और computer का इस्तेमाल करके अगर कोई किसी को धमकी देता है. या फिर किसका financial statement को चोरी करता है. या फिर जरुरी data को कॉपी करता है. तो इसे हम साइबर क्राइम कहते है. वैसे ये छोटा उद्धरण था. इससे भी बड़े पैमाने पर cyber crime होता होगा.

Privacy Hacking: Hacking भी साइबर क्राइम के अंदर आता है. इसमें भी किसीकी इजाजत के बिना उसके प्रॉपर्टी में नोकझोक किया जाता है. बस फ़र्क़ इतना है की ये ऑनलाइन होता है. इसीलिए कई बड़े बड़े company अपना खुदका hacking expert को रखते है. इन Security hacker का काम होता है, कंपनी को online protect करना.

Health Issue, Dependency

Health Issues: computer screen से कई तरह का हानिकारक rays निकलते है. इनमे से एक UV radiation भी होता है. जो हमारे eyes और skin के लिए harmful होता है.हलाकि अभीके modern LCD or LED screens बोहोत कम या न के बरार इन रेज़ को निकालते है. फिरभी देरतक स्क्रीन के सामने बैठे रहने से, आंखोमे strays जरूर होता है. इनके इलावा weight gain, anxiety जैसे common health issue हो सकता है. अगर आप सावधानी से इस्तेमाल कर सकते है. और बिच बिच में ब्रेक लेते है. फिर कोई असुबिधा नहीं होने का संभावना है.

Create Dependency: दोस्तों कंप्यूटर काम को आसान तो बनाता है, साथ में ही हमें अलसी और dependent भी बना देता है. हम कोई चीज कंप्यूटर में type करते वक़्त auto correction tool का इस्तेमाल करते है. आप खुदही सोचो, अगर हमारे spelling errors को हम spell checker से सुधरते रहे तो हम गलती को सुधरने के लिए सिखने का कोशिश कभी नहीं करेंगे. और निर्भर रहेंगे spell checker के ऊपर. और भी tools है जिसके ऊपर हम निर्भर है. जैसे calculator, Grammarly, GPS इत्यादि. ये सभी helpful tools है.

Environment Pollution

Impacts the Environment: हर घर पर एक कंप्यूटर तो होता ही है. पर अभी तो एक से ज्यादा भी है. laptop, tablet, smartphone, smart gadgets इत्यादि. ये घराब भी होते है. इनके पार्ट्स को बदला भी जाता है. और बदले हुए चीजोंको फेका जाता है. कुछ recycle भी होते है. मगर जो रीसायकल नहीं होते है, वो चीजे environment प्रदुसित करते है.

Note: दोस्तों advantage और disadvantage को हमने बता तो दिया. मगर हमारा खुद का नजर में computer एक आशीर्वाद है इन्शान के लिए. कंप्यूटर को अगर तरीके से इस्तेमाल किया जाये तो ये एक बड़ी power है. हमारे hindiblog को आप computer या mobile के इस्तेमाल से ही पढ़ रहे है. और हमने भी इनके मदत से ही subhra som को बना पाएं. कंप्यूटर के बिना आजका जमाना चल नहीं सकता. ये हमारा राय है.

कंप्यूटर का इतिहास – History of computer

कंप्यूटर का इतिहास को अगर पूरी तरह लिखा जाये, तो एक पूरी आर्टिकल बन जाएगी. फिरभी हम संक्षिप्त वर्णन करने का प्रयास कर रहे है.
दोसतो क्या आप Abacus के बारे में सुना है? ये था सुमेरियन सब्यता का कंप्यूटर. इसका आविष्कार लगभग 2700–2300 BC की बीच के समय पर Babylon में हुआ था. Abacus में कंकड़ से रेत में लाइन खींच कर calculation किया जाता था. आज का मॉडर्न टाइम में भी इसे इस्तेमाल किया जाता है, नाम है Abaci. जो अबेकस का updated version है. इसे ही ‘पहला कंप्यूटर’ (first computer) कहा जाता है. ये गणना के लिए सबसे उन्नत और popular method थी.

Digital Computers

1050–771 BC के मध्य में प्राचीन china में पहला mechanical computer बनाया गया. जिसमे कई gear लगा हुआ था. जो बाद में जाकर analog computer में भी इस्तेमाल होना सुरु हुआ. गियर के विकास का बाद 200 BC में device को बनाना संभव हुआ. पर ये computer नहीं बल्कि astronomy में इस्तेमाल होने लगा.

100 AD में ग्रीक mathematician Heron of Alexandria ने odometer जैसी एक डिवाइस का बर्णन किये थे. जो automatic चलाया जा सकता था और digital form में काउंट कर सकता था. मगर ये सिर्फ एक विवरण थी. असलमे mechanical devices बनाया गया था गया था 1600 के दशक में. जो digitally count कर सकता था.

सन 1901 में Greek island Antikythera में एक जहाज के मलबे से एक analog computer को खोज निकाला गया. जिसे पहला mechanical analog computer के रूप में जाना जाता है. Mathematician और Physicist जॉन नेपियर ने 17 वीं शताब्दी की शुरुआत में logarithms की खोज की. इनमे काफी मदत हुआ computer बनाने की छेत्र में. उसी समय Charles Babbage नाम की गणितज्ञ analytical engine का डिज़ाइन को बनाये। जिसके बोहोत सरे components आज मोडेर कंप्यूटर से मिलता जुलता है. जैसे की scratch memory नाम का फीचर हुआ करता था. जो आज का RAM से मिलता है.

Personal Computer

1959 Mohamed Atalla aur Dawon Kahng ने MOS ट्रांजिस्टर का अविष्कार किये. इसका असली नाम मॉस्फेट है (metal–oxide–silicon field-effect ट्रांजिस्टर). इससे इंटीग्रेटेड सर्किट बनाने में मदत मिला. अब जमाना आने बाला था integrated circuit और उससे पर्सनल कंप्यूटर(PC) का.

1960 में microprocessor का निर्माण हुआ. और ये मुमकिन हुआ Integrated circut की मदत से. फिर आठ साल के भीतर 1968 में पहला Intel 4004 प्रोसेसर बन कर तैयार थी. ये पहला single chip microprocessor थी. जिसे Federico Faggin डेवेलोप किये. माइक्रोप्रोसेसर का अबिष्कार होने के बाद सुरु हुआ microcomputer की जमाना. जिसे आगे चलकर personal computer या P C के नाम से जाना गया.

कंप्यूटर की पीढ़ी – Computer Generation

हम कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी में रह रहे है. जिसमे AI-Artificial Inteligence का नाम हम सबने सुना है. ये एक ऐसा तकनीक है जिसमे computer इन्शान की brain के जैसा सोच सकता है. आपने Sophia का नाम तो सुना ही होगा. ये एक humanoid robot है. जो इन्शान जैसा सोचते है, बातें करते है.

First-generation – Vacuum tubes (1937 – 1946)

सं 1937 में Dr. John V. Atanasoff और Clifford Berry दोनों मिलकर पहला डिजिटल कंप्यूटर को बनाये. जिसे ABC की नाम से जाने जाना लगा. उसके बाद सं 1943 military के लिए Colossus नाम का इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर बनाया गया.

1946 में 30 टन वज़न का ENIAC को बनाया गया. जो पहला general computer था. इस कंप्यूटर में 1800 Vacuum tubes को processing के लिए इस्तेमाल किया जाता था. जो size में बोहोत बड़ा और भरी भरकम हुआ करता था. magnetic drum इसमें memory unit के रूप में इस्तेमाल होता था. कंप्यूटर को चलना बेहद hard था. इसमें machine language को उसे किया जाता था. और सबसे बड़ी बात है, इसमें कोई प्रोसेसर नहीं था और ये single task computer था. Example: IBM-70, ENIAC

Second-generation – Transistors (1947 – 1962)

Computer की दूसरी generation सुरु हुयी transistors का अविष्कार के बाद. इसमें vacuum tubes के जगह पर transistors का इस्तेमाल होता था. पहला commercial purpose के लिए 1951 में कंप्यूटर को पब्लिक के लिए मार्किट में उतारा गया. Example: UNIVAC I (UNIVersal Automatic Computer I)

1953 the International Business Machine (IBM) 650 and 700 series
IBM ने 1953 को 650 and 700 series के कंप्यूटर को लेकर आया.कंप्यूटर की प्रगति की इस पीढ़ी बोहोत सारे नया system computer के साथ जुड़ता गया. जैसे tape and disk, printer. इसी समय 100 कंप्यूटर programming language भी बनाया गया. इसी समय computer memory और operating systems भी ईजाद हुए.

Third-generation – Integrated Circuit (1965-1971)

ICs आविष्कार हुआ 3rd generation मैं. Integrated circuit ने transistor का जगह लिया और advanced computer को जनम दिया. एक IC में transistors, resistors, and capacitors लगा हुआ रहता था. जिससे कंप्यूटर का आकार को compact किया. साथ ही में इसे ज्यादा efficient भी बनाया.

इसी पीढ़ी ने कंप्यूटर में multi programming operating system को introduce किया गया. इसके साथ advanced features जैसे remote processing और time-sharing का भी इस्तेमाल हुआ. FORTRAN-II TO IV, COBOL, PASCAL PL/1, BASIC जैसा High-level languages का इस्तेमाल सुरु हुआ.

Fourth-generation – VLSI technology (1971 – 1980)

Microprocessor है VLSI technology का चर्चित नाम. इसका मतलब और फुलफॉर्म है Very Large Scale Integrated(बहुत बड़े पैमाने पर एकीकृत). Intel ने बनाया पहला Microprocessor. जो एक small chip में लगभग 5000 transistors को एकत्रित किया गया. जो high-level tasks को करने में सक्षम था. इसका hitech chip का electricity consumption बोहोत ही कम था.

चौथा पीढ़ी computing में कई बड़े बड़े पन्ना जोरता गया. पहला supercomputers को इसी समय बनाया गया. Personal computer or PC भी इसी पीढ़ी की देन है. C, C+, C++, DBASE जैसे computer language को इस समय इस्तेमाल किया गया.

Fifth-generation – Artificial Intelligence (1981 – present day)

पांचवी पीढ़ी में VLSI बन गया और भी powerful और बेहतर ULSI. जिसे Ultra Large Scale Integration technology, कहते है. इसमें एक microprocessor चिप में ‘दस million electronic components’ को डाला गया.

ये जमन है AI का. और कंप्यूटर में Artificial Intelligence software को इस्तेमाल इस पीढ़ी में सुरु हुआ. जो कंप्यूटर को एक ईशान जैसे सोचने का ताक़त दिया. कंप्यूटर और भी powerful and compact बन गया. Java, .Net, C++ जैसा high-level languages यूज़ होता है.

Natural language processing, Superconductor technology, Speech recognition, Quantum Calculation जैसा फीचर कंप्यूटर को miraculous technology बना दिया है. फिर भी अभी और developments आना बाकी है.

भविष्य के कंप्यूटर – future computers

Computer प्रगति की यात्रा 1937 से लेकर आज 2020 में AI technology तक आ पौछा. हर एक generation के साथ कंप्यूटर और भी efficient होते गया. और ज्यादा powerful बनते गया. और अगर आगे की तरफ देखे तो future computer और भी शानदार होने बाला है. हो सकता है भबिस्य का कंप्यूटर एक molecules का size में हर जगह पर मौजूद रहे.

Ubiquitous computing का concept पर काम चल रहा है. जो capable होगा कोईभी device पर, कोईभी location में किसीभी format में अपनेआप को ढालने में. कोई भी डिवाइस को कंप्यूटर बना देगी. Advanced नई computer technologies बनाने जा रही है Quantum computer. जिसमे शोधकर्ता उन्नति के और तेजी से आगे भी बढ़ रहे है.

DNA computers का कांसेप्ट भी रिसर्च में है. जो एक Bio computers या genetic computers के रूप में आएंगे. जिसमे एक ग्राम DNA स्टोर कर पायेगी one trillion डिस्क में जितना data समां सकता है. Photons का इस्तेमाल करके Optical Computers बनाने का भविष्य में सूची है. इतना कहा जा सकता है. future में computer ऐसा होने बाला है, जिसे अभी हम सिर्फ कल्पना ही कर सकते है.

Summary

  1. Computer एक electronic device है, जिसे data process करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
  2. हमारा Computer सिर्फ 0 और 1 numeric language ही समझता है.
  3. हम Computer को programming के माध्यम से instruction दिया जाता है.
  4. Computer दिए गए कमांड को store(संग्रहीत), retrieve(पुनर्प्राप्त), and process data(संसाधित) के अनुक्रम में पूर्ण करता है.
  5. कंप्यूटर की कार्य प्रक्रिया का मुख्य 3 steps है. Input Data, Process Data, Output Data.
  6. Computer शब्द का उत्पत्ति Latin Word – Computare से हुआ है.
  7. पहली बार Computer नाम का इस्तेमाल American physicist and inventor John Vincent Atanasoff ने किये.
  8. Charles Babbage को father of computer कहा जाता है.
  9. Computer Full-Form: Common Operating Machine Purposely Used for Technological and Educational Research
  10. Basic parts of a computer system: Monitor, CPU (Central Processing Unit), Keyboard, Mouse, Speakers, Printer, UPS
  11. Parts of Computer CPU: Motherboard, Processor/CPU, RAM, ROM, BIOS, Storage, SMPS, GPU, ODD
  12. Types of computer: Desktop Computers, Laptop Computer, Tablet computers, Servers
  13. Other Types of computers: Smartphone, Smartwatch, Video Gaming Console, Smart TV.
  14. Application of the Computer: Education, Business, Banking, Marketing, Healthcare, Communication, Defense, Government, Engineering, Entertainment.
  15. Computer का फायदा: Speed-Accuracy-MultiTasking.
  16. Computer का नुकशान: Computer Virus, Cyber Crime, Privacy Hacking, Health Issues, Create Dependency, Impacts the Environment.
  17. हम कंप्यूटर की 5th Generation में है.
  18. Future Computer: Quantum computer, DNA computers, Optical Computers.

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One thought on “Computer: क्या है? कैसे काम करता है? Details in Hindi

  1. […] Computing में एक processing unit लगी रहती है. जिसे processor कहते है. जो एक electronic circuit है. ये computer hardware और software के बिच में एक bridge बनके external data को अपने अंदर ले कर उसे process करता है. और उसके बाद यूजर के command के तहत मनचाही results या output प्रदान करता है. […]

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